उन्होंने गुपचुप दहेज लेने वालों की निंदा करते हुए कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब ने लड़की के परिवार पर किसी भी तरह का आर्थिक बोझ डालने से मना किया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज में दहेज की कुरीति बढ़ने से तमाम गरीब परिवारों की लड़कियों की शादी नहीं हो पा रही है। मस्जिदों में निकाह पढ़वाना अल्लाह के नबी मोहम्मद साहब की सुन्नत है।