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महिला सिपाही की हत्या का मामला : पति पर दहेज हत्या का आरोप लगाकर सिपाही ने पति से लिया था तलाक, प्रेमी तहसीलदार ने ही कर दी हत्या

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लखनऊ। पीजीआई के माती इलाके में नाले में जिस महिला सिपाही रुचि सिंह का शव बृहस्पतिवार को मिला था, उसने पति पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराकर तलाक लिया था।
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डीसीपी पूर्वी अमित आनंद के मुताबिक, रुचि की शादी जून 2019 में कांस्टेबल नीरज के साथ हुई थी। दिसंबर 2019 में रुचि भी बतौर सिपाही भर्ती हो गई। लेकिन इसके पहले से ही प्रयागराज के तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। नौकरी पाने के बाद रुचि ने अपने पुराने प्रेम को उजागर कर दिया। इसके पहले उसने पति नीरज के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज करवाया। इसके बाद पद्मेश के कहने पर तलाक का केस कर दिया। कुछ माह बाद ही दोनों का तलाक हो गया।
आरोप है कि तलाक भी तहसीलदार ने ही कराया था। नजदीकियां बढ़ने के बाद रुचि, पद्मेश पर शादी का दबाव बनाने लगी। दबाव बढ़ने पर पद्मेश ने रुचि को बताया कि वह शादीशुदा है। इसके बाद से दोनों में विवाद शुरू हो गया था। रुचि हर हाल में पद्मेश से शादी करना चाहती थी। अक्सर दोनों का मोबाइल पर झगड़ा होता था। पद्मेश ने पत्नी प्रगति को पूरी बात बता दी थी। बार-बार कॉल आने से पद्मेश परेशान था। उसका पत्नी से भी आए दिन विवाद होने लगा था। वारदात से कुछ दिन पहले रुचि ने पद्मेश को कॉल की थी जिसे प्रगति ने उठाया था। प्रगति ने रुचि से बात की थी। इस दौरान मोबाइल पर दोनों में जमकर कहासुनी हो गई। इसके बाद पद्मेश ने रुचि की हत्या की साजिश रच डाली। इसके लिए उसने अपने परिचित नामवर सिंह को साजिश में शामिल किया।
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रुचि के शव की शिनाख्त के बाद से पुलिस उसकी कॉल डिटेल के जरिए हत्यारे की तलाश कर रही थी। रुचि ने आखिर कॉल प्रतापगढ़ रानीगंज के तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव के मोबाइल नंबर पर की थी। रुचि की आखिरी लोकेशन पीजीआई इलाके में मिली थी जिसके बाद से उसका मोबाइल बंद हो गया था। कॉल डिटेल के आधार पर पीजीआई पुलिस रविवार देर रात तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव तक पहुंच गई। उससे पूछताछ में सामने आ गया कि महिला सिपाही की एक साल पहले फेसबुक के जरिए पद्मेश से दोस्ती हुई थी। उनकी पहली मुलाकात एक जमीन के मामले में हुई। दोस्ती बाद में प्रेम में बदल गई। हालांकि दोनों पहले से ही शादीशुदा थे।
महिला सिपाही के भाई की तहरीर पर पीजीआई पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव, उनकी पत्नी प्रगति व उनके सहयोगी नामवर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। एडीसीपी पूर्वी कासिम आब्दी के मुताबिक,महिला सिपाही की मौत सिर पर भारी सामान से वार करने से हुई थी। पोस्टमार्टम के दौरान वीडियो व फोटोग्राफी कराई गई है। वहीं स्लाइड व स्वॉव बनाया गया है। जांच के लिए बिसरा भी सुरक्षित रखा गया है।
सात दिन बाद दर्ज हुई थी गुमशुदगी
सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शनिवार को रुचि के लापता होने का मामला पुलिस मुख्यालय में तैनात अनुभाग अधिकारी एमपी सिंह ने दर्ज कराया था। वहीं, रविवार को सिपाही के भाई शुभम ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर बृहस्पतिवार को नाले से मिले शव की पहचान बहन के तौर पर की है। बिजनौर निवासी रुचि सिंह की तैनाती पुलिस मुख्यालय में थी। 13 फरवरी को उसकी ड्यूटी थी। काम पर नहीं आने पर रुचि को उसके साथी तलाश रहे थे। उसकी सहेली ने सोशल मीडिया में पोस्ट डालकर मदद मांगी थी। वहीं रुचि का मोबाइल भी लगातार बंद था। सिपाही के बारे में कोई जानकारी न मिलने के बाद शनिवार को गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। वहीं 17 फरवरी को माती स्थित नाले में एक महिला का शव मिला था जिसका हुलिया लापता सिपाही से मेल खा रहा था।
मिलने के लिए बुलाया और कर दी हत्या
इंस्पेक्टर पीजीआई धर्मपाल सिंह के मुताबिक, रुचि अर्जुनगंज में किराये के कमरे में रहती थी। पद्मेश के बुलाने पर रुचि कैब से पीजीआई अस्पताल के सामने पहुंची। पद्मेश और नामवर गाड़ी लेकर उसका इंतजार कर रहे थे। रुचि के गाड़ी में बैठने पर आरोपितों ने उसे खाने के सामान में नशीला पदार्थ मिलाकर दे दिया था। रुचि बेहोश हो गई तो आरोपितों ने सांस की नली दबाकर उसकी जान ले ली थी। हत्या के बाद 12 फरवरी की रात में ही कल्ली स्थित माती में शव को नाले में फेंककर भाग निकले थे।
बतौर पत्नी सरकारी आवास पर जाती थी रुचि
पद्मेश की पोस्टिंग प्रतापगढ़ में थी लेकिन उसका परिवार प्रयागराज में रहता था। पद्मेश पहले से शादीशुदा होने के बावजूद रुचि से रिलेशनशिप में था। वह अक्सर रुचि से मिलने उसके गोमतीनगर विस्तार के सुलभ आवास में किराये के फ्लैट पर आता था। रुचि भी उसकी पत्नी बनकर प्रतापगढ़ में उसके सरकारी आवास पर कई दिन तक रुकती थी। पद्मेश ने उसे भरोसा दिलाया था कि शादी करने के बाद लखनऊ में अपना फ्लैट लेकर दोनों यहीं रहेंगे। पुलिस के अनुसार, 28 अगस्त को रुचि का भाई शुभम लखनऊ में सब इंस्पेक्टर की परीक्षा देने आया तो उसने भाई को सारी कहानी बताई। मौत से कुछ घंटे पहले भी रुचि ने अपनी भाभी शालिनी को मोबाइल पर कॉल करके बताया था कि पद्मेश उससे मिलने आया है।
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