लखनऊ। त्योहार की रौनक के बीच शहर की सड़कों पर गंदगी और कूड़े के ढेर लोगों की परेशानी का सबब बने रहे। जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना की ओर से बीते शनिवार को स्वच्छता अभियान संचालित करने वाली कंपनी रामकी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के बावजूद हालात नहीं सुधरे। निगम प्रशासन ने भी त्योहार के मद्देनजर सफाई और कूड़ा उठान के लिए विशेष निर्देश जारी किए थे, लेकिन वे केवल कागजों तक सीमित रह गए।
बुधवार को शहर के 77 वार्डों में कूड़ा उठान की स्थिति बेहद खराब रही। अलीगंज, इंदिरानगर, महानगर और गोमतीनगर समेत कई इलाकों में घरों और सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे रहे। जगह-जगह गंदगी फैलने से लोगों को बदबू और संक्रमण की समस्या झेलनी पड़ी।नगर निगम इस बार सफाई व्यवस्था पर पिछले वर्ष की तुलना में दोगुना बजट खर्च कर रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार नहीं दिख रहा। सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए हैदराबाद की कंपनी रामकी को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, मगर सफाई पहले से भी अधिक बदतर हो गई है। भाजपा पार्षद मान सिंह, प्रमोद राजन और प्रदीप शुक्ला ‘टिंकू’ ने कहा कि वे कई बार सदन में सफाई व्यवस्था और रामकी कंपनी की लापरवाही का मुद्दा उठा चुके हैं, लेकिन नगर निगम प्रशासन कंपनी पर मेहरबान बना हुआ है। पार्षदों का कहना है कि जब रामकी नहीं थी तब सफाई बेहतर थी, अब कंपनी आने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं।
सड़क पर पड़ा कूड़ा।
सड़क पर पड़ा कूड़ा।
सड़क पर पड़ा कूड़ा।