लखनऊ। नगर निगम सदन की बैठक 13 मार्च को होने जा रही है। इसमें सीवर, सफाई और पार्षद कोटे जैसे मुद्दों पर विपक्ष और सत्तापक्ष के पार्षदों द्वारा अफसरों को घेरने के पूरे आसार हैं। सदन में नए वित्तीय वर्ष का मूल बजट भी पास किया जाएगा। पिछले वर्ष का बजट करीब 43 अरब रुपये था, जिसे बढ़ाकर इस बार 46 अरब रुपये प्रस्तावित किया गया है।
वर्तमान में पार्षद कोटा जीएसटी सहित 2.10 करोड़ रुपये है। पार्षद इसे बढ़ाकर 2.50 करोड़ रुपये करने की मांग उठाएंगे। वहीं, 27 जनवरी को हुई सदन की बैठक में जल निकासी, सीवर और अवैध कब्जों का मुद्दा छाया रहा था। महापौर के आश्वासन के बावजूद एक सप्ताह में अफसरों ने सवालों के जवाब नहीं दिए। पार्षदों का आरोप है कि सदन और कार्यकारिणी में लिए गए फैसलों पर अधिकारी अमल नहीं कर रहे हैं और केवल खानापूर्ति की जा रही है।
कांग्रेस पार्षद दल की नेता ममता चौधरी, सपा पार्षद यावर हुसैन रेशू, और भाजपा पार्षद नागेंद्र सिंह, राजीव दीक्षित, रेखा सिंह, मुकेश सिंह मोंटी व अमित चौधरी ने साझा स्वर में कहा कि अफसर सदन की गरिमा को ताक पर रखकर मनमानी कर रहे हैं। पिछले सदन के लंबित मुद्दों पर इस बार जवाबदेही तय की जाएगी।
वहीं, डेढ़ महीने बाद भी पुनरीक्षित बजट सदन से पास न कराने, सीवर और ड्रेनेज के कार्यों में जल निगम की ढिलाई, अफसरों के बैठकों में सहमति जताने के बाद धरातल पर काम न करने के मुद्दे पर हंगामा होने के पूरे आसार हैं।