विधान सभा चुनाव में चौथे चरण के मतदान में बुधवार को मशहूर शायर मुनव्वर राना अपना वोट नही डाल सके। उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं था। वोट न दाल पाने का दर्द उनमें नजर आया। बोले, जब सरकार सरकार वोट देने का मौका नही दे रही है तो दुख किस बात का है। जब 50 से 100 वोट ऐसे ही डलवा दिए जाते है तो एक वोट की क्या कीमत है। मुनव्वर राना ने कहा कि मैं हमेशा से लखनऊ के कैंट विधानसभा के लालकुआं के शशि भूषण स्कूल के पोलिंग बूथ वोट डालता आ रहा हूं।
मुनव्वर राना ने कहा कि इस बार मेरा वोटर लिस्ट में नाम नहीं है, इसलिए वोट डालने नहीं जा पाया। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जंगलराज चल रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि मैं किसी पर इल्जाम नही लगाऊंगा की मेरा वोट जानबूझकर काट दिया लेकिन ये बड़ी लापरवाही और बदइंतजामी है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि हम जैसी चिड़ियों की आवाज कौन सुनने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक शेर हैं, वो लगातार दहाड़ रहे हैं। मैं तो कबूतर की तरह हूं, मेरी कौन सुनेगा। राना ने कहा कि दस मार्च के बाद सब बदल जाएगा।
राना ने कहा कि जब हुकूमत खुद वोट देने का मौका नहीं दे रही है तो दुख किस बात का है। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा धर्म के आधार चुनाव करवा रही है। उन्होंने कहा कि मेरे घर के पास ही पोलिंग बूथ है। वोट करना आसान था पर वोटर लिस्ट में नाम न होने के कारण मतदान नहीं कर सका। मेरी पत्नी का नाम वोटर लिस्ट में है। पिछले चुनाव में मेरा भी नाम वोटर लिस्ट में था।
मुनव्वर राना अपने बयानों को लेकर अक्सर विवादों में रहते हें। उन्होंने कहा कि यूपी का चुनाव मुद्दों पर होना चाहिए था पर यह धर्म के नाम पर हो रहा है। भाजपा बहकावे पर चुनाव लड़ रही है।