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मुनव्वर राना के विवादित बोल : कहा- तालिबान ने अपना मुल्क कराया आजाद, अफगानिस्तान से ज्यादा क्रूरता तो यहां हैं

Thu, 19 Aug 2021 08:58 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

मुनव्वर राना ने कहा कि अब तालिबान सरकार शरिया कानून को अफगानिस्तान में लागू करती है तो लोगों को ये समझना चाहिए कि शरिया कानून में किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाता है।
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शायर मुनव्वर राना - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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शायर मुनव्वर राना ने तालिबान का समर्थन किया है। उनका कहना है कि तालिबानी लड़ाकों ने किसी मुल्क पर हमला नहीं किया बल्कि उन्होंने अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान में अपनी सैन्य ताकत के बलबूते जो सरकार बनाई गई थी उसे ही उखाड़ फेंका है। इस तरह तालिबान ने तो अपने मुल्क को आजाद कराया है।

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मुनव्वर राना का कहना है कि रही बात कट्टरपंथ की तो अफगानिस्तान में शरीयत कानून तो पहले भी था। जिसे कुछ लोग पसंद नहीं करते थे। अमेरिका ने सैन्य ताकत के बल पर अफगानिस्तान में जो सरकार बनाई थी उस पर पूरी तरह से नियंत्रण भी उसी का था। तालिबान ने अमेरिका और उसके द्वारा बनाई गई सरकार से अपने मुल्क को आजाद कराया है। उन्होंने कहा कि जब हिंदुस्तान अंग्रेजों का गुलाम था तो देशवासियों ने उसे आजाद कराया गया था। उसी तरह तालिबान ने भी अपना मुल्क आजाद करा लिया तो क्या दिक्कत है।

मुनव्वर राना का कहना है कि अब तालिबान सरकार यदि शरीयत कानून को अफगानिस्तान में लागू करती है तो इससे किसी का नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शरीयत कानून में किसी को नुकसान पहुंचाना मना है। तो फिर भला इससे किसी को क्या नुकसान हो सकता है।
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मुनव्वर राना का कहना है कि जिस किस्म की क्रूरता अफगानिस्तान में है, उससे ज्यादा क्रूरता तो हमारे यहां भी है। पहले रामराज था, मगर अब काम राज है। भगवान राम से काम है तो ठीक है। उन्होंने कहा कि जितनी एके-47 तालिबान के पास नहीं हाेंगी, उतनी तो हिंदुस्तान के माफियाओं के पास हैं। तालिबानी तो हथियार छीनकर और मांगकर लाते हैं, मगर हमारे यहां माफिया तो खरीदते हैं।

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तालिबानी आतंकी नहीं अग्रेसिव

मुनव्वर राना ने कहा कि तालिबान को आतंकवादी नहीं कह सकते, उन्हें अग्रेसिव (उग्र) कहा जा सकता है। तालिबान ने अपने मुल्क को आजाद करा लिया तो आखिर दिक्कत क्या है। अपनी जमीन पर कब्जा तो किसी भी तरह से किया जा सकता है।

हिंदुस्तान को तालिबान से खतरा नहीं
शायर मुनव्वर राना का कहना है कि हिंदुस्तान और अफगानिस्तान हमेशा से अच्छे दोस्त रहे हैं। अफगान नागरिकों ने कभी भी किसी भारतीय को नुकसान नहीं पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान ने वहां की विकास योजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये निवेश किए हैं। ऐसे में तालिबान के नेतृत्व में अब जो सरकार बनेगी वह भारत और अफगानिस्तान की दोस्ती के रिश्ते को नजरअंदाज नहीं करेगी। मुनव्वर राना का कहना है कि मुझे नहीं लगता कि हिंदुस्तान को तालिबान से किसी तरह का खतरा होगा।

सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
मुनव्वर राना के विवादित बयान को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़क गया है। दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह ने ट्वीट कर कहा कि- मुनव्वर राना आप भी एक काम कीजिए। आप भी तालिबान ही चले जाइए। आपके लिए सबसे महफूज जगह तालिबान है। अपने बयानों को लेकर मुनव्वर राना ट्विटर पर ट्रेंड होने लगे। उन्हें हैशटैग करते हुए लोगों ने नाराजगी जताई। लोगों ने कहा कि मुनव्वर राना को अफगानिस्तान ही चले जाना चाहिए और तालिबान के साथ शायरी करनी चाहिए।
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