सपा सुप्रीमो और पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव ने बड़ा खुलासा किया। कहा कि, पाकिस्तान ने हमारे पांच सैनिक मारे थे, बदले में हमारी फौज ने उनके 100 सैनिकों को मार गिराया।
इसके बाद पाकिस्तान सेना से सीमा पर फायरिंग करने की हिम्मत नहीं की। उन्होंने कहा, हमने इसके बारे में न तो किसी को बताया और न ही प्रचार किया।
लखनऊ मेट्रो के उद्घाटन और यश भारती सम्मान समारोह के मौके पर मुलायम ने केंद्र सरकार को सीधे निशाने पर लिया। कहा, देश के सामने गंभीर स्थिति है। राजनीतिक अनिश्चय के हालात बने हुए हैं। प्रधानमंत्री देश को कहां ले जाना चाहते हैं, यह उनकी पार्टी भी नहीं बता सकती।
कश्मीर के मुद्दे पर हमने कई बार समझाया लेकिन किसी मुद्दे पर उनकी नीति स्पष्ट नहीं है। हमारी फौज दुनिया में सबसे बहादुर है। लेकिन, सीमा पर सोते हुए जवान मार दिए जाते हैं, किसी का सिर काट कर ले जाते हैं। एक साथ 10-12 जवानों, अफसरों की शहादत मामूली बात नहीं है।
'हम रक्षा मंत्री रहे हैं, जवाब देना हमें पता है'
मुलायम बोले, हम रक्षा मंत्री रहे हैं, हमें पता है कैसे जवाब दिया जाता है। एक बार पाकिस्तान ने हमारा एक हेलीकॉप्टर गिरा दिया था और पांच जवान शहीद हुए थे। हमने कहा, हेलीकॉप्टर दुर्घटना में गिरा है लेकिन जवाब इतना कड़ा दिया कि सीमा पर एक बार भी फायरिंग नहीं हुई। हमने इसका प्रचार नहीं किया।
चीनी सीमा के चार किलोमीटर भीतर गाड़ा झंडा
मुलायम ने कहा, सेना के चीफ ने हमें बताया कि उन्होंने पांच सैनिक मारे थे, हमने नौ मार दिए हैं। हमने कहा, हम पाकिस्तान से आठ गुना बड़े हैं। कम से कम 40 सैनिक मारकर जवाब देना चाहिए। हमने दोबारा फायरिंग कराई। पांच के बदले में पाक के 100 सैनिक मारे। इसका किसी को पता नहीं चलने दिया।
चीन ने हमारी सीमा में एक किमी घुसकर अपना झंडा गाड़ दिया था, हमने चीन की सीमा में चार किमी अंदर जाकर भारतीय झंडे गाड़ दिए। जब वे एक किमी पीछे हटे तभी हमने उनकी सीमा से झंडे उखाड़े। इसके बाद चीन और पाकिस्तान ने आगे बढ़ने की कोशिश नहीं की। संसद में सभी ने हमारी तारीफ की थी।
'सेना को छूट दे दीजिए, तीन दिन में बंद हो जाएंगी आतंकी घटनाएं'
पूर्व रक्षामंत्री ने कहा कि हमारी सेना बहुत बहादुर है। उन्हें छूट दे दीजिए, तो तीन दिन में सभी आतंकी घटनाएं बंद हो जाएंगी। कोई एटम बम की धमकी देता है, हमारे पास भी एटम बम हैं। लेकिन हम युद्ध नहीं चाहते हैं। युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। युद्ध में हारने वाला तो हारता ही है, जीतने वाला भी हारता है।
किसानों को बचाइए, मोदी ने किया बर्बाद
सपा मुखिया ने कहा, सीमा पर देश की रक्षा गरीबों, किसानों के बेटे कर रहे हैं। सेना में उद्योगपतियों, अमीरों के परिवार के लोग नहीं जाते। केंद्र सरकार ने किसानों को ही बर्बाद किया है। नोट बंद होने से न खाद मिल पा रहा है और न बीज।
रात में आठ बजे नोट बंद कर दिए और अगले दिन से देश में हाहाकार मच गया। व्यापारी और किसान परेशान हैं। किसान फसल पैदा करता है, व्यापारी उसे खरीदता है, देश में सप्लाई करता है। वे सगे भाई की तरह हैं। व्यापारी माल नहीं खरीदेगा तो किसान बर्बाद हो जाएंगे।
उन्होंने आजम खां से मुखातिब होकर कहा, किसानों के बारे में विचार कीजिए। पूरी प्राथमिकता किसानों को दीजिए। यूपी में उन्हें बचाने का कोई रास्ता निकालिए, भले ही कैबिनेट की एक बैठक इसी के लिए क्यों न बुलानी पड़ी।
झूठ, ठगी और चतुराई से देश नहीं चलेगा
सपा मुखिया ने कहा कि मोदी ने झूठ बोलकर, जनता को ठगकर केंद्र में सरकार बना ली। चतुराई से देश नहीं चलेगा। विचार करना पड़ेगा कि ये सरकार देश को कहां ले जा रही है। गरीबों के खाते में 15 लाख रुपये नहीं भेजने थे तो हर साल तीन-तीन लाख ही भेजते।
नौजवानों को रोजगार देने से लेकर न जाने क्या-क्या वादे किए लेकिन कोई पूरा नहीं हुआ। कहा था, चीन से जमीन वापस लेंगे, लेकिन क्या उनकी हिम्मत हुई?
डॉ. लोहिया कहते थे कि वादा खिलाफी करना भी भ्रष्टाचार है। लोगों ने सोचा बहादुर प्रधानमंत्री आएंगे। इसी चक्कर में लोकसभा चुनाव में हमारा सूपड़ा साफ कर दिया। केवल पांच सांसद जीते, वे भी परिवार के। उन्होंने कहा, झूठ बोलने वाले, धोखा करने वालों को सबक सिखाने की जरूरत है।
अब अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया नहीं देगा अनाज
मुलायम ने सरकार को चेताया कि कृषि उत्पादन गिरा तो अनाज का संकट पैदा हो सकता है। पहले अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया से गल्ला ले लेते थे। अब उनकी स्थिति अनाज देने लायक नहीं है। खुद अनाज पैदा करेंगे तो देश का पेट भरेगा। जब तक किसानों को आगे नहीं बढ़ाएंगे, देश आगे नहीं बढ़ेगा।
अमेरिका का इतिहास पढ़िए, शुरुआत में किसानों को आगे बढ़ाकर ही अमेरिका आगे बढ़ा। ज्यादा उत्पादन हो जाने पर अमेरिका उसे समुद्र में फिंकवा देता था ताकि किसानों को पूरा दाम मिल सके।
'यूपी ने दिया उदाहरण कैसे किया जाता है विकास'
मुलायम ने अखिलेश सरकार के साथ ही आजम खां और शिवपाल यादव की तारीफ की। कहा कि यूपी ने देश के सामने उदाहरण पेश किया है कि कैसे विकास कराया जाता है। मैंने लोकसभा में भी बोला कि यूपी में विकास तेजी से हो रहा है। यूपी के 73 सांसद बैठे हुए थे, किसी ने विरोध नहीं किया।
कहा, अब काशी में भी मेट्रो चल जाए तो अच्छा हो। यह लखनऊ ही नहीं पूरे यूपी के लिए ऐतिहासिक दिन है। प्रदेश सरकार ने चार लाख युवाओं को नौकरी दी है। कहा कि शिवपाल ने बंद पड़े सहकारी बैंक चलवाए, उत्तर प्रदेश ग्राम विकास बैंक (पूर्व में एलडीबी) के कामकाज की सराहना तो विशेषज्ञ संस्थाएं भी कर चुकी हैं।
उन्होंने पार्टी के नेताओं, विधायकों, मंत्रियों को इस बात के लिए फटकारा कि उन्होंने सरकार के विकास कार्यों के बारे में भी लोगों को नहीं बताया। मेरे कहने के बाद भी जिला इकाइयों ने प्रस्ताव पारित नहीं किया। इस संबंध में मुझे चिट्ठी नहीं लिखी। कहा कि गांव की जनता वचन की बहुत पक्की होती है।
कार्यकर्ताओं पर भड़के मुलायम
मंच से जब नेताजी बोल रहे थे तो कार्यकर्ता अलग-अलग नेताओं के नाम लेकर नारेबाजी करने लगे। इस पर मुलायम नाराज हो गए। उन्होंने चुप होने के लिए कहा, चुप नहीं होने पर नाराजगी दिखाई तब कार्यकर्ता शांत हुए।
लेकिन नहीं कहा, दोबारा सीएम होंगे अखिलेश
आजम खां ने पूरी भूमिका बनाई। कहा कि पिता और गुरु का रिश्ता ऐसा है जो बेटे या शिष्य को आगे बढ़ते देखकर खुश होता है। जब सार्वजनिक तौर पर मुलायम सिंह ने सीएम को डांटा तब एक पिता ने बेटे को डांटा था। उनसे यह हक कोई नहीं छीन सकता। उनमें अखिलेश के प्रति जरा भी दुर्भावना होती तो 2012 में उन्हें सीएम बनाने का प्रस्ताव हमसे न रखवाते।
कहा, अब यह एलान है कि सपा की पांचवीं बार सरकार बनने पर सीएम अखिलेश होंगे। नेताजी से आग्रह किया कि वह भी इसे साफ कर दें। मुलायम ने अपने भाषण में अखिलेश यादव सरकार की तारीफ की लेकिन आजम ने जो भूमिका बनाई थी, उस पर टिप्पणी नहीं की।
मुलायम जब बैठने लगे तब आजम ने उनके कान में कुछ कहा, इस पर सपा अध्यक्ष ने दो-तीन बार कहा, कौन नहीं जानता मुख्यमंत्री कौन है। फिर कहा, अखिलेश को कौन नहीं जानता।