सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को एक बार फिर अखिलेश यादव सरकार की क्लास ली। उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी नहीं बख्शा। कहा, मंत्री नहीं सुधरे तो बड़ी तादाद में चुनाव हार जाएंगे। वे एसी से बाहर निकलें और अफसरों के बजाय जनता की सलामी लें। उन्होंने साफ किया कि 2017 के विधानसभा चुनाव में ठेकेदारों, कमीशनखोरों को टिकट नहीं दिया जाएगा।
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मुलायम बुधवार को समाजवादी चिंतक जनेश्वर मिश्र की 83वीं जयंती पर जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ सरकार की उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार के लिए शुरू की गई साइकिल यात्रा का शुभारंभ किया।
सपा मुखिया ने कहा, समाजवादी पार्टी के गठन के 11 महीने में सरकार बनी थी। अब तमाम नेता पार्टी में हैं। 56 मंत्री हैं। वे कम से 28 जिलों से तो होंगे ही। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूछा, बताइए मंत्री क्या कर रहे हैं? हाथ उठवाकर पूछा कि क्या वे मंत्रियों से खुश हैं? उन्होंने कहा, कार्यकर्ताओं के साथ घर में सच्चाई के साथ बात करनी चाहिए। मंत्रियों को कार्यकर्ताओं, जनता का विश्वास जीतना होगा।
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मुलायम ने कहा, विधानसभा चुनाव के लिए टिकटों की समीक्षा शुरू हो गई है। इस काम में रामगोपाल यादव लगे हुए हैं। टिकटार्थियों की भरमार है। जो टिकट चाहते हैं, वे अपनी छवि ठीक कर लें। जो ठेकेदारी, कमीशनखोरी कर रहे हैं, कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाते हैं, उन्हें टिकट नहीं देंगे। जिन अध्यक्षों ने जनता और कार्यकर्ताओं के बीच अच्छा काम किया है, उन्हें टिकट दिया जा सकता है।
30 सांसद जीतते तो होती महत्वपूर्ण भूमिका
सपा मुखिया ने कहा, दिल्ली में लोग कमेंट करते हैं कि पांचों सांसद एक ही परिवार के हैं। हम दिल्ली में ताकत के साथ जाना चाहते थे। हमें कमजोर करके भेजा गया। यदि 30 सांसद भी जीत जाते तो सरकार बनाने में अहम भूमिका होती। हमें हराया ही नहीं, बुरी तरह हरा दिया। सोमवार को संसद में बोलने नहीं दिया। ऐसा पहली बार हुआ।
मंत्री नहीं बताएंगे लोकसभा चुनाव में हार की वजह सपा मुखिया ने कहा कि हमने लोकसभा चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा के आदेश दिए थे। उन्होंने सीएम से पूछा कि क्या हार की समीक्षा की? आपने मेहनत की, उम्मीदवार ने मेहनत की, सरकार ने अच्छे काम किए, फिर हार की क्या वजह रही? उन्होंने कहा, मिनिस्टर हार के लिए खुद जिम्मेदार हैं, इसलिए वे हार के कारण नहीं बताएंगे।
पता कराइए, क्यों घटी महिलाओं की भागीदारी मुलायम ने कार्यक्रम में महिलाओं की कम भागीदारी पर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री से कहा, पता कराइए, पहले जितनी महिलाएं आती थीं, अब उतनी क्यों नहीं आतीं। जब तक महिलाएं आगे नहीं बढ़ेंगी, समाजवाद नहीं आ सकता।
प्रधान, बीडीसी चुनाव हारे तो टिकट पर पुनर्विचार
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने पंचायत चुनावों को लेकर कार्यकर्ताओं को टिप्स दिए। विधायकों, मंत्रियों को चेताया कि जिनके क्षेत्रों में ग्राम प्रधान व बीडीसी सदस्य हारेंगे, उनके टिकट के बारे में गंभीरता से सोचना पड़ेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से पंचायत चुनाव जल्द और निष्पक्ष ढंग से कराने को कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि पंचायत चुनाव के लिए क्या तैयारी है?
नवंबर तक चुनाव होने हैं, इसके बाद 36 एमएलसी के चुनाव होने हैं। इनमें बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य वोट देंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूछा कि उनके गांवों में प्रधान व बीडीसी सदस्य चुनाव जीतेंगे? कम हाथ उठने पर कहा कि 90 फीसदी हाथ उठने चाहिए थे।
सपा मुखिया ने चुनाव जीतने का मंत्र देते हुए कहा, गांवों में गुटबंदी नहीं होने देना, समझौते कराने की कोशिश करो। यदि दो दावेदार हैं तो एक को प्रधान, दूसरे को बीडीसी लड़ाओ। सर्वसम्मति से उम्मीदवार चुनने की कोशिश करो। बेईमानी मत करना, यदि विरोधी चुनाव जीत रहा हो तो जीतने देना। अफसरों पर दबाव बनाएंगे तो पार्टी कमजोर होगी।
संसदीय बोर्ड तय करेगा दलीय आधार पर लड़ें या नहीं मुलायम ने कहा कि संसदीय बोर्ड तय करेगा कि पंचायत चुनाव दलीय आधार पर लड़ा जाए या नहीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से उनकी राय पूछी तो अधिकतर ने हाथ उठाकर पार्टी आधार पर चुनाव लड़ने की बात कही। सपा मुखिया ने मुख्यमंत्री से कहा कि वे अपने मंत्रियों, नेताओं से बात कर लें। सबकी राय लेकर ही फैसला लेंगे।
भाजपा भी कांग्रेस के नक्शे कदम पर सपा मुखिया ने कहा, कांग्रेस के लोग सत्ता के बल पर विरोधियों को फंसाते थे। लालू प्रसाद यादव, जयललिता और मुझे फंसाया। वही काम भाजपा ने शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने तो लंबे समय तक राज कर लिया लेकिन इनकी उम्र बहुत कम हो जाएगी।