सपा के घमासान के बीच चुनाव आयोग के सामने बात रखकर लौटे मुलायम ने मान लिया कि पार्टी में कुछ मतभेद हैं। उन्होंने रामगोपाल पर हमला करते हुए कहा, केवल एक ही आदमी की वजह से पार्टी में विवाद है। उसी ने हमारे बेटे को बहका दिया। उन्होंने कहा कि उम्मीद है सब जल्द ठीक हो जाएगा। मुलायम सिंह के इस बयान के बारे में रामगोपाल का कहना है कि नेताजी के बयान पर मैं कोई कमेंट नहीं करूंगा।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने आज मुलायम सिंह को मिलने के लिए 12.45 का वक्त दिया था। मुलायम शिवपाल के साथ 12.30 पर पहुंचे। उनके साथ अमर सिंह भी मौजूद रहे। खबर है कि चुनाव आयोग दफ्तर में रामगोपाल गुट ने मुलायम को दस्तावेज देने की कोशिश की लेकिन उन्होंने लेने से इंकार कर दिया। चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखकर करीब 40 मिनट बाद मुलायम सिंह निकल गए। उनके साथ शिवपाल और अमर सिंह भी निकल गए।
वहीं अखिलेश खेमा 2.30 बजे चुनाव आयोग पहुंचा। रामगोपाल यादव के साथ अभिषेक मिश्रा, किरनमय नंदा, और रामनरेश अग्रवाल भी मौजूद रहे। चुनाव आयोग से मिलने के बाद रामगोपाल यादव ने कहा, हमने आयोग से गुजारिश की है कि सिंबल पर ज्द से जल्द फैसला लें। बता दें कि रविवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने जो बातें कहीं उससे साफ जाहिर हो रहा है कि अब अखिलेश और मुलायम खेमे में सुलह की गुंजाइश नहीं बची है।
रविवार सुबह अचानक लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंच गए। कुछ देर अपने दफ्तर में बैठे, कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी में जुटने का निर्देश दिया। शाम को दिल्ली में कहा कि रामगोपाल यादव को 30 दिसंबर को सपा से बर्खास्त कर दिया गया था।
उनके द्वारा बुलाया गया अधिवेशन असंवैधानिक है। मैं सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं, अखिलेश यादव मुख्यमंत्री और शिवपाल सिंह प्रदेश अध्यक्ष। सपा के प्रदेश कार्यालय पर एक जनवरी को नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने समर्थकों के साथ कब्जा कर लिया था। अखिलेश समर्थकों ने शिवपाल की नेम प्लेट भी उखाड़ दी थी।
उसी दिन से मुलायम व शिवपाल सपा दफ्तर नहीं गए थे। रविवार को सपा मुखिया का प्रदेश कार्यालय आने का पूर्व घोषित कार्यक्रम नहीं था। वह अपने आवास से एयरपोर्ट जाने के लिए निकले और सबसे पहले प्रदेश कार्यालय पहुंच गए।