सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को एक बार फिर मंत्रियों और विधायकों को निशाने पर लिया। कहा, हम मंत्रियों व विधायकों से जनता की नाराजगी के चलते लोकसभा चुनाव हारे। कार्यकर्ताओं से कहा कि वे विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों के चयन के लिए तीन दिन में सुझाव दें।
मुलायम सिंह पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर दो-तीन मंत्री व विधायक भी मौजूद थे। सपा सुप्रीमो ने पूछा, क्या उन्हें मालूम है कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी तय कर दिए हैं। इस पर किसी ने जवाब नहीं दिया। तब उन्होंने कहा, हाथ उठाकर बताओ, किसे मालूम है, किसे नहीं ?
जानकारी न होने पर ज्यादातर लोगों ने हाथ उठाए तो मुलायम ने कहा- हमारे मंत्रियों, विधायकों तक को इसकी जानकारी नहीं है। कुछ लोगों ने कहा कि भाजपा ने अभी उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। इस पर उन्होंने कहा कि घोषित करने से क्या होता है, अधिकतर उम्मीदवार तय तो हो गए हैं।
लोग शिकायत कर रहे हैं, मंत्री सुन नहीं रहे
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, वे तीन दिन में सुझाव दें कि विधानसभा चुनाव में कौन और कैसे प्रत्याशी हों ? इसके बाद वह उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया शुरू करेंगे। सपा मुखिया ने कहा, लोकसभा चुनाव में हमारी हार की वजह मंत्रियों और विधायकों से जनता व कार्यकर्ताओं की नाराजगी रही।
आजमगढ़ और बलिया के लोगों ने उनसे शिकायत की थी कि मंत्री उनकी सुन नहीं रहे हैं। कार्यकर्ताओं के काम के लिए मंत्री पत्र लिखने तक में कंजूसी करते हैं। यदि मंत्रियों को कोई दिक्कत तक है तो उनके पास आएं। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि बैठक की बातें बाहर क्यों चली जाती हैं ? बैठक में मंत्री अंबिका चौधरी और मनोज पांडेय भी मौजूद थे।
चुनावी तैयारी में जुटें, गुटबंदी से रहें दूर
मुलायम ने कार्यकर्ताओं को गुटबंदी से दूर रहने और अभी से 2017 के चुनाव में जुटने की नसीहत दी। कहा, उम्मीदवारों का चयन कार्यकर्ताओं से सुझाव लेकर किया जाएगा लेकिन जिसे एक बार टिकट दे दिया जाए, उसका विरोध न किया जाए। कार्यकर्ता एकजुट रहें और पार्टी की नीतियों व सरकार के काम को जनता तक पहुंचा दें तो फिर बहुमत की सरकार बनेगी।