लखनऊ। आलमबाग के चंदरनगर स्थित चिक-चिक रेस्टोरेंट के मालिक जसविंद सिंह उर्फ रोमी की हत्या में मुख्तार अंसारी के करीबी गुर्गे हिस्ट्रीशीटर जुगनू वालिया का नाम सामने आया है। पुलिस की विवेचना में उसका नाम सामने आने पर संदेह गहराने लगा। पुलिस के मुताबिक, रोमी की हत्या जुगनू के इशारे पर की गई थी। इस बात के साक्ष्य भी पुलिस को मिले हैं। सोमवार देर शाम पुलिस ने उसके कई ठिकानों पर दबिश दी लेकिन वह हाथ नहीं लगा है। वहीं इस मामले में दो अन्य की भी तलाश की जा रही है।
चंदरनगर निवासी जसविंदर सिंह उर्फ रोमी को 27 अक्तूबर की रात करीब 12 बजे गोली मारी गई थी। उनकी इलाज के दौरान 31 अक्तूबर को मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को अभी तक गिरफ्तार किया है। इनमें नामजद आरोपी दीपक मखीजा उर्फ नीशू और जसप्रीत उर्फ लवीश शामिल हैं। हत्याकांड की विवेचना जब आगे बढ़ी तो मुख्तार अंसारी के करीबी गुर्गे हिस्ट्रीशीटर हरविंदर सिंह उर्फ जुगनू वालिया के भाइयों का नाम सामने आया था। पुलिस ने उनको दो बार हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन कोई खास सुराग हाथ नहीं लगा। इसके बाद दोनों को छोड़ दिया गया था।
सूद पर रुपये देता है जुगनू
प्रभारी निरीक्षक अनिल सिंह के मुताबिक, मुख्तार के करीबी गुर्गे जुगनू वालिया का नाम विवेचना में सामने आया है। उस पर हत्या की साजिश रचने के साक्ष्य मिले हैं जिसके आधार पर पुलिस उसके तीन ठिकानों पर दबिश देने गई थी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। जुगनू वालिया सूद पर रुपये बांटता है। वहीं उस पर कई मुकदमे दर्ज है। जुगनू वालिया ने 9 जनवरी 2019 की रात नौ बजे दुकान बंद कर घर जा रहे कपड़ा कारोबारी अमनप्रीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में जुगनू की अमनप्रीत के पिता से सूद के कारोबार को लेकर ही अदावत सामने आई थी। वहीं जुगनू ने एक अप्रैल 2005 को स्वरूप सिंह पर लाइसेंसी राइफल से फायरिंग की थी और 27 जुलाई 2010 व 9 मार्च 2011 को देवेंद्र सिंह अरोड़ा पर हमला करवाया था। कपड़ा कारोबारी की हत्या में वह गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। कुछ दिन पहले ही वह जमानत पर रिहा हुआ था। पुलिस जुगनू के अलावा चिक-चिक रेस्टोरेंट के मालिक जसविंदर सिंह रोमी की हत्या में अमर जायसवाल और विनय जोशी नाम के दो अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है।
घर पर बंद था ताला तो दीवार फांदकर अंदर गई पुलिस
रोमी की हत्या की साजिश में मुख्तार अंसारी के करीबी जुगनू वालिया का नाम सामने आने पर पुलिस ने सोमवार को दबिश दी तो उसके चंदरनगर स्थित घर पर ताला बंद मिला। पुलिस टीम दीवार फांदकर अंदर दाखिल हुई। पूरा घर खंगाला लेकिन कोई नहीं मिला। इसके बाद डीसीपी मध्य डॉ. ख्याति गर्ग ने पांच टीमों का गठन जुगनू वालिया के गिरफ्तारी के लिए किया। ये टीमें शहर और गैर जनपद के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। दबिश के दौरान एडीसीपी मध्य राघवेंद्र मिश्रा, एसीपी आलमबाग ददन गौड, इंस्पेक्टर आलमबाग अनिल कुमार सिंह और इंस्पेक्टर कृष्णानगर आलोक कुमार राय समेत भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद थी।
एक साल पहले जब्त की गई थी ढाई करोड़ की संपत्ति
लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस एक साल पहले मुख्तार अंसारी के करीबी जुगनू वालिया के खिलाफ गिरोहबंद की कार्रवाई कर चुकी है। उसकी ढाई करोड़ की संपत्ति को जब्त कर लिया गया था जिसमें लग्जरी गाड़ियां ऑडी व बीएमडब्ल्यू शामिल है। जुगनू के खिलाफ आलमबाग और हजरतगंज में कुल 20 मामले दर्ज है।