जनता दल (यू) के प्रधान राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देकर उसे संवैधानिक रूप दिया जाए। एमएसपी से कम खरीद पर दंड का प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में पंचायत, नगरीय निकाय और विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की।
केसी त्यागी रविवार को जदयू के प्रदेश कार्यालय में मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर फार्मूले के अनुसार ओबीसी के आरक्षण का तीन श्रेणियों में बंटवारा करने की मांग की ताकि अति पिछड़ी जातियों को लाभ मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस संबंध में बनाई गई समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और लागू करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 2017 में अति पिछड़ी जातियों को आरक्षण का लाभ देने के लिए जस्टिस रोहणी कमेटी का गठन किया था। उनकी पार्टी ने प्रधानमंत्री से इस कमेटी की रिपोर्ट भी सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वंचित जातियों को मुख्यधारा में लाने के लिए आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए।
खुले बाजार में फसलों की लूट पर लगे रोक
त्यागी ने कहा कि सरकारी एजेंसियां रबी व खरीफ की फसलों का मात्र 18 से 20 प्रतिशत ही एमएसपी पर खरीद पाती हैं। शेष फसल की खुले बाजार में लूट पर रोक लगनी चाहिए। एमएसपी की कानूनी गारंटी होनी चाहिए। सांविधानिक प्रावधान किया जाए कि एमएसपी से कम खरीद पर सजा व दंड मिले। उन्होंने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर धरना देने वाले आम किसान हैं। उनमें न तो अतिवादी हैं और न ही देशविरोधी। किसानों के लिए इस तरह की भाषा दुर्भाग्यपूर्ण है। किसानों का आंदोलन अराजनीतिक है। उन्होंने किसी राजनीतिज्ञ को अपने मंच पर नहीं चढ़ने दिया। ये वही अन्नदाता हैं जो 140 करोड़ आबादी का पेट भर रहे हैं, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिये 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज दिया जा रहा है। जदयू किसानों की उचित मांगों के साथ है। उन्होंने कहा कि सरकार व किसानों के बीच वार्ता की तिथियां जल्द तय होनी चाहिए। वार्ता में गतिरोध नहीं आना चाहिए।
सभी सीटों पर लड़ेंगे चुनाव
त्यागी ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक दर्जन सभाएं करने के बावजूद कुछ कारणों से जदयू ने 2017 का यूपी का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था। इससे संगठन में शिथिलता आई है। पार्टी ने तय किया है कि पंचायत, निकाय समेत विधानसभा की सभी सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि जदयू एनडीए का घटक है, लेकिन यूपी में गठबंधन करके चुनाव लड़ने का अभी कोई प्रस्ताव नहीं आया है।