लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में क्लीनिकल साइकोलॉजी में एमफिल करने वाले विद्यार्थियों को न्यूनतम 25 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड मिलेगा। शनिवार को हुई कार्य परिषद की बैठक में इस पर मुहर लग गई। बैठक में शिक्षकों के प्रमोशन, एक विभाग से दूसरे में स्थानांतरण के साथ ही कानूनी परामर्श के लिए दी जाने वाली फीस संबंधी मामलों पर भी मुहर लगाई गई।
केजीएमयू के मनोचिकित्सा विभाग में क्लीनिकल साइकोलॉजी में एमफिल की पढ़ाई होती है। दो साल के इस पाठ्यक्रम में इस समय आठ सीटें हैं। इन पर दाखिला प्रवेश परीक्षा से होती है। अभी तक इन विद्यार्थियों को किसी प्रकार का स्टाइपेंड नहीं दिया जाता है। इसको लेकर काफी समय से मांग चल रही थी। असल में क्लीनिकल साइकोलॉजी में एमफिल करने वाले विद्यार्थी ओपीडी में मरीजों की काउंसलिंग भी करते हैं। संस्थान में पढ़ाई के साथ काम करने वाले बाकी पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को स्टाइपेंड दिया जाता है। इसी वजह से क्लीनिकल साइकोलॉजी में एमफिल करने वाले विद्यार्थियों को भी स्टाइपेंड देने की सहमति बनी है।
पीजीआई के समान कर्मचारियों को मिलेंगे अवकाश
केजीएमयू कर्मचारी भी अब पीजीआई के समान अवकाश के अधिकारी होंगे। वर्ष 2025 का अवकाश कैलेंडर पीजीआई कर्मचारियों के कैलेंडर के हिसाब से ही तैयार किया जाएगा। कार्य परिषद ने इस पर भी मुहर लगा दी है। कार्य परिषद के सामने कई शिक्षकों की वरिष्ठता संबंधी मामले भी रखे गए। इन पर कार्य परिषद ने समिति की रिपोर्ट के आधार पर फैसला करने की बात कही है।