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बाराबंकी : सरकारी जमीन पर कब्जा किए दो भू-माफिया पर सवा पांच करोड़ का जुर्माना

Mon, 17 Jun 2019 10:16 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाराबंकी
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लखनऊ जनपद की सीमा से सटे इलाके में करोड़ों की कीमत वाली परती, बंजर व तालाब और वन विभाग की जमीन कब्जा कर प्लाटिंग करने वाले दो भू-माफिया पर नवाबगंज तहसील प्रशासन ने पांच करोड़ 19 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। 
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इसके साथ सरकारी जमीन को खाली कराने का आदेश दिया है। तहसील प्रशासन की कार्रवाई की जद में पांच माह पहले भू-माफिया घोषित आरपी ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर राज प्रताप सिंह पर चार करोड़ 98 लाख रुपये तथा जिंदल ड्रग्स नामक फर्म के मालिक सिराज अहमद पर 21 लाख 67 हजार पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनके खिलाफ फरवरी माह में  तत्कालीन एसडीएम सदर अजय द्विवेदी ने केस दर्ज कराया था।  

नवाबगंज के न्यायिक तहसीलदार की कोर्ट में पांच माह पहले स्थानीय लेखपाल ने देवा क्षेत्र के चचेण्डा गांव में 4.8 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर आरपी ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राज प्रताप सिंह द्वारा अवैध कब्जा कर प्लाटिंग करने की रिपोर्ट दी थी। 
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जांच में लेखपाल की रिपोर्ट सही पाए जाने के बाद तत्कालीन एसडीएम अजय द्विवेदी ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 67 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कराई थी। तहसील न्यायिक कोर्ट ने सोमवार को प्रकरण में फैसला सुनाया। आदेश दिया कि ग्राम सभा की भूमि पर अवैध कब्जा मिलने पर आरपी ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राज प्रताप सिंह पर चार करोड़ 98 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। 

साथ ही सरकारी जमीन से बेदखली का आदेश दिया है। वहीं दूसरे मामले में खलिहान की भूमि पर चारदीवारी बनाकर कब्जा करने वाले मसौली थाना क्षेत्र के बांसा निवासी जिंदल ड्रग्स के मालिक सिराज अहमद पर 21 लाख 67 हजार पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही बड़ागांव की ऊसर व खलिहान के नाम दर्ज जमीन से सिराज का अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया गया है। 
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पांच माह पहले घोषित हुआ था आरपी ग्रीन का मालिक भू-माफिया

आरपी ग्रीन के मालिक राज प्रताप सिंह पर आउटर रिंग रोड के किनारे के कई गांवों में सरकारी व अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की पट्टे की जमीन बिना राजस्व न्यायालय की अनुमति के खरीदने के साथ कई आरोप लगे थे। इसके साथ टिकरिया में वन विभाग की भूमि के बेनामी पट्टे कराकर कंपनी के नाम खरीद करने के मामलों में 12 फरवरी को तत्कालीन एसडीएम अजय द्विवेदी ने आरपी ग्रीन के मालिक राज प्रताप सिंह को भूमाफिया घोषित किया था। 

लखनऊ में भी है आरपी ग्रीन का कारोबार
आरपी ग्रीन स्टेट और आरपी ग्रीन सिटी के डायरेक्टर आरपी सिंह का कारोबार लखनऊ में भी है। इसके खिलाफ आवाजें उठने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसके पीछे उसकी राजनीतिक पहुंच मानी जा रही है। 2017 के चुनाव में उसे बसपा से कुर्सी विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया था। टिकट न मिलने पर दूसरे दलों में भी संपर्क किया। 

सरकारी जमीन पर कब्जा कर प्लाटिंग करने का मुकदमा तहसीलदार न्यायिक की अदालत में चल रहा था। मेरे द्वारा 15 दिन में उसका परीक्षण किया जा रहा था। दो मामलों में सोमवार को सरकारी जमीन से बेदखली और जुर्माने की कार्रवाई की गई है। जल्द ही टीम भेजकर सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाएगा। 
अभय कुमार पाण्डेय, एसडीएम सदर
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