कार्यक्रम में मंत्री जय प्रताप सिंह
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चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश की जनसंख्या अधिक होने से जन कल्याणकारी नीतियां बनाने में परेशानी आती है। इसके लिए प्रदेश सरकार नई जनसंख्या नीति बनाएगी। इस दिशा में हम सबको मिलकर कार्य करना होगा। स्वास्थ्य मंत्री ने ये बातें बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से आयोजित परिवार नियोजन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मंडल और जनपद सेवा प्रदाताओं के सम्मान समारोह में कहीं। उन्होंने नई जनसंख्या नीति बनाने के लिए चिकित्सकों से सुझाव देने को कहा है।
जय प्रताप सिंह ने कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रम में परिवार नियोजन एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। परिवार नियोजन में शत प्रतिशत सफलता पाने के लिए महिलाओं में फैसले लेने की क्षमता विकसित करनी होगी। जनसंख्या के अनुसार ही विकास योजनाएं बनाई जाती हैं, पर लेकिन जिस तेजी से जनसंख्या वृद्धि हो रही है, उसके मुकाबले संसाधन विकसित नहीं हो रहे हैं। हालांकि कुल प्रजनन दर (टीएफआर) में गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि आजादी के समय देश की जनसंख्या 37 करोड़ थी। 1950 से परिवार नियोजन कार्यक्रम शुरू हुआ, पर इसके बाद सिर्फ कार्यक्रम ही आयोजित होते रहे।
राज्यमंत्री स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अतुल गर्ग ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में इस विषय को गंभीरता से लिया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक विजय विश्वास पंत ने कहा कि हेल्थ पार्टनर्स की वजह से हमें लगातार सफलता मिल रही है। कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव वी हेकाली झिमोमी, महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. बद्री विशाल, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. रुकुमकेश, यूपीटीएसयू के ईडी डॉ. वसंत कुमार मौजूद रहे।