शहर के बड़े इलाके को बिजली आपूर्ति करने वाले 132केवी ट्रांसमिश्ान केंद्र नींबू पार्क में शुक्रवार सुबह एक बंदर ने छलांग लगा दी।
बंदर के कूदते ही सप्लाई सिस्टम तेज आवाज के साथ दग गया। बंदर की करंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई, साथ ही दस उपकेंद्र भी ठप हो गए।
करीब पांच लाख की आबादी चार घंटे तक बिना बिजली के बेहाल रही। घटना सुबह 8:12 बजे की है। एक बंदर अचानक नींबू पार्क के भीतर कूद पड़ा।
अधिशासी अभियंता (ट्रांसमिशन) आशुतोष दीक्षित ने बताया कि वहां तैनात लेसाकर्मी बंदर को भगा पाते, इससे पहले ही धमाके के साथ बिजली आपूर्ति वाला उपकरण दग गया। मौके पर ही बंदर की मौत हो गई।
चार घंटे रही अफरा-तफरी
सिस्टम के ब्रेकर भी जल गए। इससे इस उपकेंद्र से 33 केवी के जिन 10 उपकेंद्रों को बिजली की आपूर्ति होती है, वह ठप हो गई।
लेसाकर्मियों ने तुरंत अपने आला अधिकारियों को सूचना दी। मौके पर कई इंजीनियर पहुंचे और ब्रेकर और सिस्टम ठीक करने में जुट गए।
उधर, नींबू पार्क की घटना के कारण इससे जुड़े 33/11 केवी उपकेंद्र बालाघाट, गऊघाट, चौपटिया, नादान महल रोड, विक्टोरिया, नींबू पार्क, मेडिकल कॉलेज, रेजीडेंसी, अमीनाबाद, हनुमान सेतु, इक्का स्टैंड डालीगंज और लखनऊ विश्वविद्यालय की बिजली आपूर्ति बंद हो गई।
लोगों ने लेसा के कंट्रोल रूम को सूचना दी। कई बिजलीघरों में लोग पहुंच गए तो गड़बड़ी का पता लग सका। करीब चार घंटे बाद दोपहर 12:11 बजे बिजली की आपूर्ति दोबारा बहाल हो सकी।