बहराइच में भाजपा नेता नरेंद्र मोदी की रैली से पांच दिन पहले गिरफ्तार युवक मानसिक रोगी निकला।
अधिकारियों का दावा है कि उसके पास से से रैली से संबंधित पर्चे हासिल हुए थे न कि नक्शे।
उसे उसके परिवारीजन के हवाले करने का फैसला किया गया है।
जब इस युवक को पकड़ा गया तब उससे पुलिस के अलावा स्टेट इंटेलीजेंस के साथ ही आईबी तक के सदस्यों ने पूछताछ की। उसकी पहचान बिहार के सीतामढ़ी जिले के असगर के रूप में हुई थी।
मोदी के लिए पांच दिन पहले से लगा पहरा
पूछताछ में उसके द्वारा दिए जा रहे विरोधाभासी बयानों से जांच अधिकारियों को उसकी मानसिक दशा पर शक तो हो रहा था पर संदिग्ध द्वारा इसका स्वांग रचे जाने का भी अंदेशा था।
असगर की मानसिक दशा के बारे में अधिकारियों को पुख्ता जानकारी तब हुई जबकि उसकी मां व भाई वहां पहुंचे।
इनसे हासिल इलाज के पर्चों को परखने के बाद खुफिया एज़ेंसियों ने इसकी तस्दीक बिहार पुलिस से भी कराई। पाया गया कि यह युवक अपनी मानसिक दशा के चलते पिछले दो वर्षों से लापता था।
गौरतलब है कि नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन के पास चेकिंग के दौरान रविवार को पुलिस ने इस संदिग्ध युवक को दबोचा था। पुलिसकर्मी उसकी भाषा नहीं समझ पा रहे थे।
तलाशी के दौरान उसके बैग से जब मोदी की रैली से संबंधित पर्चे व दस्तावेज मिले तब उसे हिरासत में ले लिया गया था।
अभी तक की छानबीन में उसकी पहचान बिहार, सीतामढ़ी, मौला नगर, बेलसर पचनौर निवासी रहमत के बेटे असगर के तौर पर हुई है।