फोन की किस्त के लिए युवक का खून निकलवाया
- फोटो : अमर उजाला
मोबाइल की किस्त वसूली के नाम पर युवक को बंधक बनाकर उसका खून निकालकर बेचने के आरोप में डीसीपी की फटकार के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया था। पुलिस ने पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया है। एडीसीपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की है। मंगलवार को पुलिस ने निगोहां कस्बा स्थित गीता मोबाइल शॉप के मालिक शिवम सिंह को थाने बुलाकर पूछताछ की।
इसके साथ ही कस्बे की अन्य मोबाइल दुकानों पर काम करने वाले निजी फाइनेंस कंपनियों के एजेंटों से भी पूछताछ की गई। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक की किस्त वसूली का मामला किन लोगों से जुड़ा था।
ये भी पढ़ें - यूपी: कैबिनेट के 23 प्रस्ताव पास, इस क्षेत्र में 90% तक मिली छूट, परिवहन टेस्टिंग सेंटरों में नई व्यवस्था लागू
ये भी पढ़ें - अगरतला से दिल्ली जा रहे इंडिगो विमान की लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग, कार्गो में धुएं के अलार्म से मचा हड़कंप
पुलिस के मुताबिक सोमवार रात रुपये वसूलने के आरोपी से फोन पर संपर्क हुआ था लेकिन इसके कुछ देर बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। इसके बाद उससे संपर्क नहीं हो सका। मंगलवार शाम तक पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। तीनों टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है।
गीता मोबाइल का मालिक बोला फाइनेंस के बाद हमारा कोई लेना-देना नहीं
गीता मोबाइल शॉप के मालिक शिवम सिंह ने बताया कि दुकान का काम केवल मोबाइल बेचना है। फाइनेंस होने पर कंपनी की ओर से दुकान को भुगतान कर दिया जाता है। इसके बाद किस्त वसूलने की जिम्मेदारी फाइनेंस कंपनी के एजेंटों की होती है। उन्होंने कहा कि उनका वसूली से कोई लेना-देना नहीं है। थानाध्यक्ष रवींद्र कुमार ने बताया कि तीन टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होगा।
ये है मामला: निगोहां के राजाराम खेड़ा पुरहिया गांव निवासी नेवल को रिकवरी एजेंटों ने किस्त नहीं भर पाने पर आठ सितंबर को बंधक बना लिया था। इसके बाद उनका खून निकलवाया और पांच दिन तक पीटा। आरोप है कि घरवाले जब निगोहां थाने एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने टरका दिया। इसके बाद डीसीपी दक्षिणी के निर्देश पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।