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एमएलसी मनोनयन : जितिन प्रसाद, संजय निषाद, रामचंद्र प्रधान व जेपीएस राठौर दौड़ में आगे

Thu, 22 Jul 2021 08:31 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी का नाम भी पैनल में भेजा गया है। लेकिन जितिन या बाजपेयी में से किसी एक की ही लॉटरी लगेगी।
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जितिन प्रसाद
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विस्तार
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विधान परिषद में मनोनीत कोटे की चार सीटों के लिए कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, बसपा छोड़कर भाजपा में आए रामचंद्र प्रधान, निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद और भाजपा के प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर के नाम सबसे आगे हैं। भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने अपना पैनल राष्ट्रीय नेतृत्व को सौंप दिया है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद परिषद में सदस्यों के मनोनयन की घोषणा की जाएगी।

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जितिन के भाजपा में आने के दिन से विधान परिषद में मनोनयन की चर्चा शुरू हो गई थी। पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में ब्राह्मणों को साधने के लिए जितिन को न केवल मनोनीत करने पर गंभीर है बल्कि मंत्रिमंडल में भी उन्हें जगह मिल सकती है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी का नाम भी पैनल में भेजा गया है। लेकिन जितिन या बाजपेयी में से किसी एक की ही लॉटरी लगेगी।

उधर, ठाकुर समाज से प्रदेश महामंत्री जेपीएस राठौर, राज्यमंत्री स्वाति सिंह के पति और पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह का नाम है। यदि ठाकुर समाज से एक सदस्य मनोनीत किया गया तो जेपीएस या दयाशंकर में से एक की किस्मत चमकेगी।
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जिला पंचायत अध्यक्ष व क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा का समर्थन कर चुकी निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद को भी परिषद भेजा जा सकता है। निषाद के लिए पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद कुमार शर्मा, कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह सहित अन्य नेता पैरवी कर रहे हैं, जबकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आगामी विधानसभा चुनाव में निषाद समाज को साधने के लिए संजय को परिषद भेजने पर विचार कर रहे हैं।

भाजपा ने अभी तक नाई समाज को सरकार व संगठन में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया है। पार्टी के पास अपने कैडर में नाई समाज का कोई प्रभावशाली नेता नहीं है। ऐसे में बसपा छोड़कर आए रामचंद्र प्रधान व सपा छोड़कर आए हीरा ठाकुर के भाग्य चमक सकते हैं। प्रदेश संगठन के पैनल में दोनों के नाम प्रमुखता से हैं, राष्ट्रीय नेतृत्व दोनों में से किसी एक के नाम पर मुहर लगा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूर्वांचल की प्रमुख अनुसूचित जनजाति मुसहर को भी परिषद में प्रतिनिधित्व देना चाहते हैं। ऐसे में इस समाज से भी किसी को परिषद भेजा जा सकता है। पार्टी ओबीसी एवं एसटी वर्ग की उन जातियों को भी परिषद में प्रतिनिधित्व देना चाहती है जिन्हें अभी तक सरकार व संगठन में जगह नहीं मिली है। सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र से भी किसी महिला या विचार परिवार से जुड़े संगठन के व्यक्ति को परिषद भेजा जा सकता है।

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