फोन की जासूसी मामले में विरोध प्रदर्शन होने से रोकने के लिए पुलिस ने कांग्रेस के बड़े नेताओं को सुबह से ही नजरबंद उनके घरों पर कर दिया। प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, महानगर अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव अज्जू व दिलप्रीत सिंह डीपी, पूर्व महानगर अध्यक्ष मुकेश चौहान को नजरबंद कर लिया गया। इसके बाद भी स्वास्थ्य भवन पर जुटे नेता व कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर ईको पार्क भेज दिया गया। जहां शाम तक कांग्रेसी नेताओं को रखा गया।
यूपी कांग्रेस कमेटी ने पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का फोन टेप कर जासूसी कराने के खिलाफ लखनऊ में स्वास्थ्य भवन चौराहा से राजभवन तक शांति मार्च का आयोजन विरोध प्रदर्शन के लिए किया था। कांग्रेसी नेताओं का आरोप है कि प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही सुबह के समय कांग्रेसी नेताओं को नजरबंद कर घर से नहीं निकलने देने के लिए पुलिस पहुंच गई। यह कार्यवाही प्रदेश सरकार के इशारे पर की गई जिससे विरोध में उठी आवाज को दबाया जा सके। शांति मार्च को विफल करने के प्रयास के आरोप भी लगाए गए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष के नजरबंद होने के बाद भी कांग्रेसी शांति मार्च निकालने पहुंचे। यहां से अजय श्रीवास्तव अज्जू, दिलप्रीत सिंह डीपी के अलावा जिलाध्यक्ष वेद त्रिपाठी, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्द्की, एमएलसी दीपक सिंह, पूर्व विधायक श्याम किशोर शुक्ला, डॉ. शहजाद आलम शामिल रहे। स्वास्थ्य भवन पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी के बाद शांति मार्च के लिए आगे बढ़ने पर कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में लेकर ईको पार्क ले जाया गया। इस दौरान पुलिस से झड़प भी हुई।
अजय श्रीवास्तव अज्जू ने भाजपा को भारतीय जासूस पार्टी बताया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार देश में डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते-देते सर्विलांस इंडिया को बढ़ावा दे रही है। जिस तकनीक का प्रयोग आतंक-अपराध रोकने के लिए किया जाना चाहिए। उस तकनीक को आज केंद्र सरकार के खिलाफ बोलने वाले हर शख्स खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। दिलप्रीत सिंह डीपी ने कहा कि केंद्र सरकार संविधान और कानून की धज्जियां उड़ा रही है। गौरतलब है कि लखनऊ पुलिस द्वारा देर रात से अजय श्रीवास्तव अज्जू एवं दिलप्रीत सिंह डीपी के घर पर पुलिस ने डेरा डालकर उन्हें नजरबंद करने की कोशिश की।
जासूसी कांड देश को खतरा
विधानमंडल दल नेता आराधना मिश्रा मोना को पुलिस ने नजरबंद किया। उन्होंने जासूसी कांड को राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि तानाशाही से लोकतंत्र को समाप्त करने की कोशिश है। जनमानस आश्चर्यचकित है कि क्या काम सौंपा था। भाजपा सत्ता में पहुंचने के बाद तानाशाही रवैया अपनाते हुए जासूसी कराकर निजता पर डाका डाल रही है। मीडिया हाउस पर आयकर छापा डालकर सच दिखाने से रोका जा रहा है।