विधायक कुलदीप और उनके भाई अतुल सेंगर
उन्नाव में किशोरी से गैंगरेप के मामले में गठित एसआईटी की जांच में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को मारपीट की साजिश रचने का आरोपी बताया गया है। वहीं विधायक के भाई अतुल सिंह को पीड़िता के पिता के साथ मारपीट में दोषी पाया गया है। माना जा रहा है विधायक के खिलाफ जल्द मुकदमा दर्ज कर पूछताछ की जा सकती है। पीड़िता के पिता का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हो सकता है।
एडीजी जोन राजीव कृष्ण के नेतृत्व में गठित इस टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट में विधायक और रेप पीड़िता के परिवारों के बीच पुरानी रंजिश की भी बात सामने आई है। एसआईटी ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच का भी सुझाव दिया है और उन्नाव पुलिस को भी मामले में दोषी माना है। रिपोर्ट में वहां की एसपी पुष्पांजलि को हटाने की संस्तुति की बात भी की जा रही है और पुलिस अफसरों पर कदम-कदम पर लापरवाही बरतने का जिक्र किया गया है।
मालूम हो कि घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट तलब की थी। इसके मद्देनजर डीजीपी ने एसआईटी गठित कर उन्नाव भेजा था। यह टीम बुधवार को उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र में स्थित पीड़िता के घर पहुंची। वहां दो घंटे से भी ज्यादा समय तक पीड़िता व उसके परिवारीजनों से बात की।
विधायक पक्ष के भी पांच लोगों से पूछताछ की गई। एसआईटी ने उन्नाव के डीएम व एसपी से अलग से मीटिंग कर जानकारी ली। अपनी जांच पूरी कर बुधवार देर शाम एसआईटी लखनऊ लौट आई और प्रारंभिक रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह को सौंप दी। डीजीपी ने प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार को रिपोर्ट दे दी है।