प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री मोहम्मद आजम खां व शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद की लड़ाई में शनिवार को राज्य अल्पसंख्यक आयोग भी कूद पड़ा।
संवैधानिक संस्था होने के बावजूद आयोग ने मंत्री के समर्थन में विवादित बयान दे दिया है। उसने यहां तक कह दिया कि आजम खां का लिबास सफेद है इसलिए वे बेदाग हैं।
आयोग के अध्यक्ष शकील अहमद व प्रवक्ता शफी आजमी ने कहा कि ‘आजम खां व कल्बे जव्वाद का विवाद सच और झूठ की लड़ाई है। हमेशा से झूठ पर सच्चाई की जीत हुई है।
आजम अपनी जगह पर सही
आयोग के अध्यक्ष के अनुसार आजम का लिबास सफेद है और वह बेदाग हैं। वहीं, दुनिया जानती है कि शिया धर्मगुरु काला लिबास पहनते हैं।
इसलिए जिनका लिबास ही काला हो तो उनके दिल के बारे में क्या कहा जाए।’ उल्लेखनीय है कि आजम खां व कल्बे जव्वाद के बीच उस दिन से वाकयुद्ध छिड़ा हुआ है जब से शिया वक्फ बोर्ड के चुनाव स्थगित हुए हैं।
कल्बे जव्वाद की मुलायम सिंह से हुई मुलाकात के बाद चार अगस्त को ये चुनाव स्थगित हुए थे। तभी से आजम खां धर्मगुरु पर हमला कर रहे हैं।
इसलिए किया आजम का समर्थन
इसी कड़ी में शनिवार को अल्पसंख्यक आयोग भी शामिल हो गया। संवैधानिक संस्था की मर्यादा भूलते हुए आयोग के अध्यक्ष और प्रवक्ता ने खुलकर आजम के समर्थन में बयान दे डाला।
दरअसल, राज्य अल्पसंख्यक आयोग का गठन आजम खां ने ही किया है। इसमें चेयरमैन सहित सदस्यों की नियुक्ति उन्होंने ही करवाई है।
कुछ दिनों पहले आयोग के अध्यक्ष शकील अहमद को कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी आजम ने ही दिलाया है। ताजा बयान को इन्हीं सबसे जोड़कर देखा जा रहा है।