यूपी में कानून व्यवस्था है या नहीं इस पर सवाल उठने लगे है क्योंकि दबंगों के हौसले देखकर तो यही लगाता है।
संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव में गैंगरेप की शिकार हुई नाबालिग लड़की के साथ दोबारा दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है।
लड़की को रविवार की अपराह्न तीन बजे उसके घर से सरेआम खींच लिया गया और उसके साथ रेप किया गया। भाई बचाने पहुंचे तो उन्हें बंधक बना लिया गया।
परिजनों ने थाने में जाकर शिकायत की तो उनके साथ अभद्रता हुई। पीड़ित सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और व्यथा सुनाई। एसपी ने गुन्नौर सीओ को पूरे मामले की जांच सौंपी है।
दो महीने पहले हुआ था अपहरण
किशोरी का दो महीने पहले अपहरण किया गया था। परिजनों ने अपहरण और गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
लड़की बरामद हुई तो नामजदगी गलत साबित हुई। छह ऐसे नाम सामने आए जो एफआईआर में नहीं थे।
आरोप है कि इन छह नामजद युवकों ने अपने साथ एक अन्य व्यक्ति को लेकर 15 जून को तीन बजे लड़की को उस वक्त उसके घर से खींच लिया जब वह खाना पका रही थी।
लड़की के सगे और तहेरे भाई उसे बचाने दौड़े तो उन्हें भी बंधक बना लिया। गांव के लोग एकत्र हो गए। पुलिस को खबर दी गई।
पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट
पुलिस ने लड़की और दोनों भाइयों को बंधन मुक्त कराया लेकिन न तो रिपोर्ट लिखी और न ही चिकित्सकीय परीक्षण कराया।
पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया है कि वह रविवार को थाने गए थे लेकिन वहां उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की गई।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव ने बताया कि लड़की के परिजनों की बात सुनने के बाद सीओ गन्नौर को जांच सौंप दी गई है। यदि घटना हुई है तो एफआईआर दर्ज होगी।