फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...और छिन गई महारथियों की लालबत्ती

Fri, 14 Mar 2014 12:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने दर्जाधारी मंत्रियों की लालबत्ती छीन ली है। जिला जज एवं उनके समकक्ष भी लालबत्ती नहीं लगा सकेंगे। वे अब नीली बत्ती का प्रयोग करेंगे।
विज्ञापन


सरकार ने प्रमुख सचिव के साथ ही सचिव को भी नीली बत्ती लगाने का अधिकार दिया है। साथ ही नगर निगम सीमा के बाहर ही बत्ती लगाने का प्रावधान खत्म कर दिया है।

सरकार ने इसके औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। पिछले दिनों लाल-नीली बत्ती को लेकर सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के दिए गए सख्त आदेशों के बाद यह संशोधन किया गया है।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने केवल उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को ही लालबत्ती देने का निर्देश दे रखा है। कोर्ट के इस रवैये को देख सरकार ने दर्जाधारी मंत्रियों की लाल बत्ती वापस ले ली।
परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव कुमार अरविंद सिंह देव ने लाल-नीली बत्ती लगाने के संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। सेवानिवृत्त न्यायाधीश भी अब लालबत्ती नहीं लगा पाएंगे।

साथ ही सरकार ने जिला जज, सीजेएम, चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट को नीली बत्ती दे दी है।

पुलिस महकमे में डीजी व एडीजी को भी नीली बत्ती लगाने का अधिकार दे दिया है। साथ ही लॉ एंड ऑर्डर से जुड़े अफसर भी नीली बत्ती लगा सकेंगे।
ये लगा सकते हैं बत्तियांलालबत्ती व फ्लैशरराज्यपाल, मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, विधान परिषद के सभापति, विधानसभा के अध्यक्ष, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति, कैबिनेट मंत्री, नेता विरोधी दल (विधान परिषद व विधानसभा), इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश।
प्रमुख सचिव व सचिव को भी नीली बत्तीनए आदेश के तहत प्रमुख सचिव व सचिव अब लखनऊ सीमा में भी नीली बत्ती लगी गाड़ियों का प्रयोग कर सकेंगे।

पहले इन्हें शासकीय यात्रा पर लखनऊ नगर निगम की सीमा के बाहर जाने पर ही नीली बत्ती लगाने का अधिकार था। लेकिन सचिवालय में आने वाले प्रमुख सचिव व सचिव नीली बत्ती लगी गाड़ियों से आते थे।
विज्ञापन

बिना फ्लैशर के लालबत्तीविधान परिषद के उपसभापति, विधानसभा के उपाध्यक्ष, राज्य निर्वाचन आयुक्त, अध्यक्ष लोक सेवा आयोग, राज्यमंत्री व उपमंत्री, मंत्रिमंडलीय सचिव, मुख्य सचिव व महाधिवक्ता।
ये लगाएंगे नीली बत्तीअध्यक्ष राजस्व परिषद, पुलिस महानिदेशक, जिला न्यायाधीश व उनके समकक्ष उच्चतर न्यायिक सेवा के अन्य अधिकारी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें