खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के गौतमपल्ली स्थित सरकारी आवास पर बृहस्पतिवार दोपहर कवरेज करने गए एक न्यूज चैनल के पत्रकारों का उनके स्टाफ से विवाद हो गया।
खनन मंत्री के स्टाफ ने पत्रकारों से धक्का-मुक्की, मारपीट व गाली-गलौज की और रिवाल्वर तानकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उनके स्टाफ ने कैमरे व ओवी वैन तोड़ डाली।
यही नहीं पत्रकारों पर उपद्रव का आरोप लगाते हुए गौतमपल्ली पुलिस को बुलवाकर तहरीर भी दे दी। पत्रकार भी थाना पहुंचे और प्रार्थनापत्र दिया लेकिन पुलिस ने पीली पर्ची देकर उन्हें टरका दिया।
कार्रवाई न होने से क्षुब्ध पत्रकारों ने सूचना सचिव नवनीत सहगल और डीजीपी एके जैन से मिलकर एफआईआर दर्ज कराने व दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। डीजीपी ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
चल रही है लोकायुक्त जांच
भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे गायत्री प्रसाद प्रजापति की लोकायुक्त जांच भी चल रही है। इसी सिलसिले में दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एक न्यूज चैनल की टीम लाइव कवरेज करने उनके आवास पर गई थी।
टीम में दिल्ली से आये पत्रकार अमित सिंह के साथ ही राजधानी के अमरेंद्र, कैमरामैन रोहित श्रीवास्तव और तकनीशियन धनंजय शामिल थे। मंत्री के गेट के सामने कैमरा लगाकर टीम लाइव कवरेज कर रही थी तभी मंत्री का करीबी विकास वर्मा बाहर आ गया। नजारा देखकर वह भीतर चला गया। कुछ देर बाद वह फिर बाहर आया और कैमरे हटाने को कहा।
अमरेंद्र ने बताया कि विरोध करने पर विकास अभद्रता करने लगा। उसके साथ आए सुरक्षाकर्मी व स्टाफ के 20-25 लोगों ने गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। अमरेंद्र ने कहा कि सबने मिलकर पत्रकारों को पीटा। कैमरे तोड़ दिए। ओबी वैन से जुड़ी कैमरे और माइक की लीड नोंच डाली।
विकास के साथ आए मंत्री के गुर्गों ने पत्रकारों पर रिवाल्वर तानकर जान से मारने की धमकी भी दी। मारपीट और तोड़फोड़ के बाद पुलिस को भी बुलवा लिया। दरोगा वंशराज चौबे और राजेंद्र राम फोर्स लेकर मंत्री के घर आ गए।
तब तक मंत्री आवास के सुरक्षाकर्मी शिवानंद की तरफ से न्यूज चैनल के पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के अलावा अन्य आरोप में प्रार्थनापत्र दे दिया गया।
पुलिस ने भी नहीं सुनी पत्रकारों की शिकायत
पत्रकार प्रार्थनापत्र लेकर गौतमपल्ली थाना पहुंचे तो पुलिस ने उनकी शिकायत ही नहीं सुनी। जानकारी पाकर गौतमपल्ली थाना में पत्रकारों का जमावड़ा लग गया। इसके बाद दबाव में आई पुलिस ने पीली पर्ची देकर पत्रकारों को टरका दिया।
अमरेंद्र ने बताया कि मंत्री के इशारे पर उनके करीबी विकास वर्मा व गुर्गों ने हमला किया था। पीड़ित पत्रकारों ने डीजीपी से मिलकर एफआईआर दर्ज कराने व सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
उधर, गौतमपल्ली पुलिस ने मारपीट की बात से इंकार किया है। दरोगा वंशराज चौबे का कहना है कि आपस में कहासुनी हुई थी। दोनों पक्ष से तहरीर मिली है जिसकी जांच की जा रही है।
सीएम के सामने रखेंगे मामला
अमरेंद्र का कहना है कि शुक्रवार को सीएम आवास में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीएम के सामने खनन मंत्री के गुर्गों की गुंडागर्दी का मामला उठाया जाएगा। उनका कहना है कि मंत्री से जुड़ा मामला होने के चलते पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
इससे पूर्व भी बीते कुछ दिन में कई बार पत्रकारों पर हमले हो चुके हैं और स्थानीय पुलिस-प्रशासन खामोश बैठा है।