बच्चे से हालचाल लेते रविदास मेहरोत्रा
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परिवार कल्याण एवं मातृ शिशु कल्याण राज्यमंत्री रविदास मेहरोत्रा ने शुक्रवार को केजीएमयू के बाल रोग विभाग का औचक निरीक्षण कर मरीजों का हाल जाना। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा दो महीने पहले शुरू कराए गए वार्ड की हालत देखकर उन्होंने नाराजगी जताई।
इस पर सीएमएस ने बताया कि बजट नहीं मिला है। इससे नाराज मंत्री ने कहा कि नवजात और कैंसर पीड़ित बच्चों का इलाज कर रहे हो या प्रताड़ित। मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सभी अव्यवस्थाओं को जल्द ठीक करने के निर्देश दिए।
मंत्री रविदास मेहरोत्रा सुबह साढ़े दस बजे सबसे पहले केजीएमयू के बाल रोग के एनआईसीयू वार्ड पहुंचे। यहां लगे कई एसी खराब मिले, जबकि डॉक्टरों के कमरे में लगे एसी चलते मिले। बदइंतजामी और लापरवाही का आलम ये था कि डॉक्टरों के कमरों में विंडो एसी लगने के कारण उनकी गर्मी एनआईसीयू के गलियारे में भरी थी।
बच्चों की हालत देख मंत्री हुए हैरान
अस्पताल में भर्ती बच्चा
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इस वजह से वहां पर नवजातों के तीमारदार गर्मी और उमस से परेशान थे। इसपर मंत्री ने गैलरी में फैन या कूलर लगाने का निर्देश दिया। इसके बाद वह बाल रोग विभाग में बने नए कैंसर वार्ड में गए तो वहां भी एसी बंद मिला। 50 बेड के वार्ड में गंभीर कैंसर पीड़ित बच्चों की हालत देख वो हैरान रह गए। एसी बंद होने से गर्मी और उमस से परेशान मरीजों की हालत देख उन्होंने नाराजगी जताई।
मंत्री ने जब अव्यवस्थाओं से पर सीएमएस डॉ. एससी तिवारी, विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि कुमार से पूछा तो वह बजट का रोना रोने लगे। इस मंत्री ने कहा, दिखाओ कागज की कितनी बार बजट के लिए लिखा है।
बजट का रोना रोते हो और वेतन हर महीने ले रहे हो। इस पर अधिकारी से लेकर डॉक्टर तक सभी सन्न रह गए। करीब एक बजे मंत्री ने दौरा खत्म कर व्यवस्थाओं का दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे।