खनन पट्टों के आवंटन में भ्रष्टाचार रोकने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में अब सभी खनिज पदार्थों के खनन पट्टे ई ऑक्शन के जरिए नीलाम किए जाएंगे।
सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में खनन पट्टे का ई ऑक्शन और ई टेंडर केंद्रीय स्टील मंत्रालय के मिनरल स्टील ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन से कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने सबसे पहले बालू-मिट्टी के खनन पट्टों की नीलामी की कवायद शुरू कर दी है।
सपा सरकार में खनन पट्टों के आवंटन में हुए करोड़ों के घोटाले से सरकार की छवि खराब हुई थी। इससे बचने के लिए योगी सरकार प्रदेश में केंद्र सरकार की तर्ज खनन पट्टों का आवंटन ऑनलाइन नीलामी से करने का निर्णय लिया है। अब सभी मुख्य और उप खनिजों के पट्टे ई ऑक्शन से नीलाम किए जाएंगे। विभाग अगस्त में बालू-मिट्टी के खनन पट्टे ई ऑक्शन से आवंटित कर नई व्यवस्था की शुरुआत करेगा।
विभाग ने खनन क्षेत्रों को किया चिन्हित
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सहारनपुर में खनन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की रोक के मद्देनजर अन्य सभी 74 जिलों में बालू, मिट्टी, बजरी और मोरंग के खनन पट्टों की नीलामी अब ऑनलाइन होंगी। विभाग ने खनन क्षेत्रों का चिह्नांकन कर लिया है। जिन क्षेत्रों में वन विभाग की एनओसी नहीं मिली है, उन्हें छोड़कर अन्य क्षेत्रों में पट्टों की नीलामी होगी।
बालू-मिट्टी के एक हजार पट्टे
प्रदेश में बालू-मिट्टी के करीब एक हजार खनन पट्टे ई ऑक्शन से नीलाम किए जाएंगे। पट्टे के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
आवेदन के बाद नीलामी के लिए निर्धारित तिथि को आवेदकों को ऑनलाइन ही बोली लगानी होगी। सर्वाधिक बोली लगाने वाले आवेदक को खनन पट्टा पांच वर्ष के लिए आवंटित किया जाएगा।
बढ़ेगी सरकार की आय
अधिकारियों का कहना है कि ई ऑक्शन से खनन पट्टे नीलाम करने से सरकार की आय भी बढ़ेगी। पांच वर्ष के लिए दिए जाने वाले पट्टे से आय में करीब तीन गुना तक बढ़ोतरी होगी।
ये हैं मुख्य खनिज
कोयला, लाइम स्टोन, रॉक फास्फेट, पोटास, बॉक्साइट, कैल्साइट, कॉपर, गोल्ड, आयरन, प्लेटिनियम और सिलेमनाइट।
उप खनिज : सिलिका सैंड, पाइरोफिलाइट-डायस्पोर, डोलोमाइट, ग्रेनाइट डायमेंशनल स्टोन, ग्रेनाइट खंडा गिट्टी, डोलोस्टोन गिट्टी, सैंड स्टोन-ब्लॉक पट्टियां, चाइना क्ले, क्वार्ट्ज, मार्बल, ईंट, मिट्टी, बालू, मोरंग और बजरी।