सांसद अवधेश प्रसाद व उनकी पुत्र सपा प्रत्याशी अजीत प्रसाद।
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Milkipur Bypoll Election: अयोध्या जिले में 17 साल बाद फिर ऐसा अवसर आया है जब पिता के सांसद रहते बेटा विधायक बनने के लिए चुनाव मैदान में है। 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में मित्रसेन यादव के सांसद रहते उनके पुत्र आनंदसेन विधायक बने थे। इस बार भी अवधेश प्रसाद के सांसद बनने पर उनके बेटे विधानसभा के उम्मीदवार हैं। इस प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में सेन परिवार का रिकॉर्ड बरकरार रहेगा या फिर 2007 दोहराया जाएगा, इसका निर्धारण भविष्य ही करेगा।
वर्ष 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में फैजाबाद संसदीय सीट से बहुजन समाज पार्टी से जिले के कद्दावर नेता रहे मित्रसेन यादव तीसरी बार सांसद बने थे। उसके बाद 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में मिल्कीपुर विधानसभा से उनके पुत्र आनंदसेन यादव बसपा से ही चुनाव मैदान में उतरे और विधायक चुने गए।
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बसपा सरकार में उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी मिला। इसके बाद से ही यह सुरक्षित सीट घोषित हो गई और 2012 में सपा से अवधेश प्रसाद विधायक चुने गए। 2017 में भाजपा के बाबा गोरखनाथ, सपा के अवधेश प्रसाद को हराकर विधायक बने, लेकिन अगले ही चुनाव में वह अवधेश प्रसाद से हार गए।
2024 में हुए लोकसभा चुनाव में अवधेश प्रसाद फैजाबाद संसदीय सीट से सांसद बने हैं। ऐसे में रिक्त हुई इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है। इस बार सपा ने सांसद पुत्र अजीत प्रसाद को मैदान में उतारा है। उन्होंने बुधवार को नामांकन कर दिया है। सीधी लड़ाई के कारण भाजपा ने ऐड़ी-चोटी का जोर लगाया है। ऐसे में लड़ाई काफी रोचक हो गई है। आजाद समाज पार्टी से सपा के बागी सूरज चौधरी भी मैदान में है।