प्रदेश सरकार लोकसभा चुनाव से पहले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों के लिए बिजली बिल में 1 रुपये प्रति यूनिट छूट की घोषणा जल्द कर सकती है। संबंधित फाइल शासन के वित्त विभाग में भेजी जा चुकी है।
एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) समेत करीब 64 लाख सूक्ष्म और लघु उद्यमियों को इसका लाभ मिलेगा। सूक्ष्म और लघु उद्यमों में नई जान फूंकने के लिए मंत्री सत्यदेव पचौरी जल्द इस मुद्दे पर सीएम योगी आदित्यनाथ से बात करेंगे।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में करीब 8 लाख उद्यमी पंजीकृत हैं लेकिन, कुछ समय पहले हुई आर्थिक एवं सामाजिक जनगणना में इनकी संख्या निकलकर 65 लाख आई है।
इनमें से करीब 64 लाख सूक्ष्म और लघु इकाइयां हैं। इनमें ओडीओपी के तहत आने वाले सूक्ष्म उद्यमी भी शामिल हैं। प्रदेश सरकार ने ऐसे ही उद्यमियों को बिजली में रियायत देने का फैसला लिया है, ताकि वे बाजार में अपने उत्पादों की प्रतियोगिता में टिक सकें।
...इसलिए सूक्ष्म और लघु उद्योगों को मिला लाभ
चूंकि सूक्ष्म एवं लघु उद्योग अभी भी काफी हद तक श्रम आधारित हैं, इसलिए लागत भी अधिक आती है। नतीजतन, उन्हें बाजार में वही उत्पाद बना रहे बड़े उद्योगपतियों के सामने टिकने में कठिनाई आती है। सरकार की प्रस्तावित बिजली छूट योजना से उन्हें बढ़ावा मिलेगा।
इन्हें मिलेगा लाभ
मशीनरी-प्लांट में 25 लाख रुपये तक निवेश होने पर उद्योग सूक्ष्म और 25 लाख रुपये से 5 करोड़ तक निवेश वाले लघु उद्योग की श्रेणी में आते हैं।
ऐसे ले सकेंगे योजना का लाभ
प्रस्तावित योजना के दायरे में आने वाले उद्यमियों को हर महीने समय से अपना पूरा बिल जमा करना होगा। इस बिल की रसीद को संबंधित पोर्टल पर अपलोड करना होगा। पावर कॉरपोरेशन की वेबसाइट से इसका मिलान कराने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे उद्यमियों के खातों में भेज दी जाएगी।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सत्यदेव पचौरी ने ‘अमर उजाला’ को बताया, ‘वित्त विभाग से जल्द फाइल आगे बढ़ाने को लेकर संबंधित प्रस्ताव पर सीएम योगी आदित्यनाथ से बता करूंगा।’