मेट्रो रेल परियोजना पर होने वाले खर्च की रकम जुटाने के लिए कार और बाइक की खरीद पर नया टैक्स लगाने का प्रस्ताव है।
इसे ग्रीन टैक्स का नाम दिया जाएगा। इसके तहत कार खरीदने पर 5 से 10 हजार रुपए तक और बाइक की खरीद पर 2 हजार रुपए टैक्स देना पड़ सकता है।
साथ ही बड़े होटलों और कंपनियों पर भी टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। ये सुझाव मेट्रो की डीपीआर में दिए गए हैं। दरअसल, मेट्रो प्रोजेक्ट पर खर्च होने वाली रकम का 20 फीसदी हिस्सा केंद्र देगा।
बाकी 20 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार का रहेगा। शेष 60 फीसदी धन लोन के जरिए जुटाया जाएगा। राज्य सरकार के हिस्से की रकम (लोन समेत) जुटाने के लिए डीपीआर में डेडिकेटेड फंड के नाम पर ऐसे टैक्स का प्रस्ताव किया गया है।
मेट्रो परियोजना के पहले फेज के लिए लगभग साढ़े छह हजार करोड़ रुपए की जरूरत है। मेट्रो सेल के एक अधिकारी के मुताबिक, कार और बाइक पर ग्रीन टैक्स केवल एक बार ही लिया जाना है। इसके अलावा कई अन्य जरियों से भी धन का जुगाड़ किया जाएगा।
इन करों का भी प्रस्ताव
-कॉर्पोरेशन लिमिट में प्रॉपर्टी पर 20 प्रतिशत सरचार्ज
-सौ कर्मचारियों वाली कंपनियों के कुल वेतन का 2 प्रतिशत
-स्टार रेटेड होटलों से 10 प्रतिशत लग्जरी टैैक्स
-बड़ी दुकानों की कमाई का एक प्रतिशत हर माह।
लेकिन, ईंधन पर सेस नहीं
डेडिकेटेड फंड के नाम पर पेट्रोल और डीजल पर दो प्रतिशत सरचार्ज के प्रस्ताव को दरकिनार किया जाएगा। दरअसल तेल की बढ़ती कीमतों के चलते आम आदमी पर इस महंगाई का सीधा असर जाएगा।
इसलिए तेल पर कोई भी टैक्स नहीं लगाया जाएगा। पहले इसके लिए 2 प्रतिशत उपकर (सेस) लगाने का प्रस्ताव था।