केस-एक: मीटर में 2383 यूनिट बिल में दर्ज करा दिया 23,691
कैंट उपखंड के सदर निवासी कारोबारी राकेश कुमार सिंह 21,691 यूनिट का बिजली बिल भेजा गया तो वे चौंके। चौंकना भी लाजिमी था, क्योंकि दर्शाए गए यूनिट के हिसाब से उनका डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा का बिल आया था। बिल नहीं जमा किया तो कनेक्शन काट दिया गया। शिकायत पर जांच हुई तो मीटर में 2393 यूनिट ही रीडिंग पाई गई। मीटर रीडर ने मनमाने तौर पर बिल में 23,681 यूनिट फीड करा दी थी।
केस- दो: आरोप : 500 रुपये की नहीं दी घूस तो 7423 का बनवा दिया बिल
रेजीडेंसी उपखंड के तहत दुगांवा निवासी दिनेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि उन्होंने मीटर रीडर को 500 रुपये की घूस नहीं दी, तो उसने मनमाने तौर पर खपत की रीडिंग 819 यूनिट दर्ज करा दी। इससे उनका 7423 रुपये का बिल बन गया। शिकायत पर एसडीओ आशीष कुमार ने जांच की तो आरोप सही पाया गया। एसडीओ ने इसी महीने उनका बिल संशोधित किया जो महज 2392 रुपये का बना।
एक्सईएन बता रहे हैं कैसे होता है ये खेल
रेजीडेंसी के एक्सईएन केके यादव से हमने ऐसे मामलों को लेकर सवाल किए। वे बताते हैं, एक मामला सामने आया था। हनुमान सेतु बिलिंग केंद्र पर कार्य कर चुके ऑपरेटर प्रेम वर्मा राजभवन खंड के क्लाइड रोड बिलिंग केंद्र पर तैनात था। इस प्रेम की एजेंसी के बहुत से मीटर रीडरों से सांठगांठ थी। सुविधा शुल्क नहीं पाने पर ये रीडर सिकंदरबाग चौराहे के पास स्थित बिलिंग केंद्र से ऑपरेटर प्रेम वर्मा के जरिये हरिहरपुर, कैंट, रेजीडेंसी आदि उपकेंद्र इलाके के उपभोक्ताओं के फर्जी बिल बनवा देते थे।
एसडीओ ने जांच के दौरान यूजर आईडी (ईपीआरईएमवी) से ऑपरेटर प्रेम को पकड़ा तो मेधाज कंपनी ने उसे बर्खास्त कर दिया। एसडीओ के मुताबिक तीनों उपकेंद्र इलाके में अब तक 70-80 उपभोक्ताओं के फर्जी बिल सिकंदरबाग चौराहे वाले बिलिंग केंद्र से बनना सामने आए हैं। टीडीएस कंपनी ने मीटर रीडर राजेंद्र कुमार को भी बर्खास्त कर दिया है। इनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
कई बिल कलेक्शन सेंटर के ऑपरेटर रडार पर
मध्यांचल निगम के एक अधिकारी ने बताया कि सुभाष पार्क महानगर, निरालानगर, अहिबरनपुर, इंजीनियरिंग कॉलेज, विकासनगर, फैजुल्लागंज, शिवपुरी चिनहट, विक्टोरिया चौक, राधा ग्राम, अपट्रॉन एवं ऐशबाग स्थित बिलिंग कलेक्शन सेंटर के कुछ ऑपरेटर रडार पर हैं। ये ऑपरेटर भी अपनी आईडी के जरिए फर्जी बिल बनाए हैं।
फर्जी बिल बनाने वालों को छोड़ेंगे नहीं
लेसा सिस गोमती जोन के मुख्य अभियंता विपिन जैन का कहना है कि यूपी पावर कॉर्पोरेशन उपभोक्ताओं को सही बिजली बिल मुहैया कराने के लिए नित नए उपाय कर रहा है। एजेंसी कर्मी अपने फायदे के लिए फर्जी रीडिंग फीड कर रहे हैं। ऐसे कर्मियों को छोड़ा नहीं जाएगा। जो भी दोषी मिलेगा, सीधे बर्खास्त होगा।