अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि 100 दिन के अभियान के तहत 10 हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती के लक्ष्य को समय से पहले ही पूरा कर लिया गया है। उप निरीक्षक व उसके समकक्ष 9534 पदों के अलावा मृतक आश्रित कोटे के 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अवस्थी ने बताया कि उप्र. पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से जल्द ही 40 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वे रविवार को फरवरी 2021 में शुरू की गई पुलिस भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि दरोगा बनने वालों में बीई, बीटेक, बीसीए, बीबीए तथा एलएलबी डिग्रीधारक भी शामिल हैं। इसका प्रभाव भविष्य में पुलिस बल की कार्यप्रणाली एवं जनता के प्रति उनके व्यवहार पर पड़ेगा। पुलिस की रेडियो शाखा में 2430 पदों के पर चयन के लिए भी शीघ्र ही लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। बोर्ड के अध्यक्ष राजकुमार विश्वकर्मा ने बताया कि इन पदों पर भर्ती के लिए 12.30 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसमें 8.07 लाख से अधिक ने परीक्षा दी थी। अभिलेखों के सत्यापन और शारीरिक दक्षता परीक्षा के आधार पर अंतिम चयन परिणाम घोषित किया गया है।
आगरा से सबसे ज्यादा और श्रावस्ती से सबसे कम बने उप निरीक्षक
उप निरीक्षक के पदों के परिणाम के मुताबिक आगरा के सबसे अधिक 398 अभ्यर्थी दरोगा बने हैं। मेरठ के 356, बुलंदशहर में 316, मथुरा के 297 और गाजियाबाद के 275 अभ्यर्थी दरोगा बनने में कामयाब रहे। निचले क्रम से पांच जिलों की बात करें तो सबसे कम श्रावस्ती के 4, सिद्धार्थनगर के 19, बलरामपुर के 22, शाहजहांपुर के 28 और बदायूं के 32 अभ्यर्थी ही दरोगा बनने में कामयाब हुए हैं। चयनित उप निरीक्षकों में यूपी के 9007, मध्य प्रदेश के 197, बिहार के 172, दिल्ली के 43, राजस्थान के 39, हरियाणा के 31, उत्तराखंड के 21 और झारखंड के 15 अभ्यर्थी चयनित हुए। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के 4, छत्तीसगढ़ के 2, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और दादरा नागर हवेली के एक-एक अभ्यर्थी भी चयनित हुए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चयनित 9534 अभ्यर्थियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस बल में सेवा के लिए चयनित युवा प्रदेश में अमन-चैन के माहौल को कायम रखने तथा कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने में अहम रोल अदा करेंगे। उन्होंने कहा कि यूपी में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में उप निरीक्षकों की भर्ती की गई है।