प्रदेश सरकार मेडिकल कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग का कोर्स शुरू कर रही है। नीट के जरिए राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रयागराज, बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर और राजकीय मेडिकल कॉलेज कन्नौज में इसी सत्र से एडमिशन दे दिया गया है। कुछ कॉलेजों में पहले से कोर्स चल रहा है तो कुछ जगह अगले सत्र से यह कोर्स शुरू होना है।
प्रदेश में बीएससी नर्सिंग कोर्स संचालन के लिए मेडिकल कॉलेज तैयार नहीं हैं। कहीं क्लासरूम सहित अन्य ढांचागत सुविधाओं का अभाव है तो कहीं स्किल लैब ही नहीं है। यह खुलासा हुआ चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा में। अब सभी कॉलेजों को जल्द सभी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन कॉलेजों में इंडियन नर्सिंग काउंसिल के अनुसार सुविधाएं नहीं है, उनका प्रस्ताव चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय को भेजने का निर्देश दिया गया है।
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प्रदेश सरकार मेडिकल कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग का कोर्स शुरू कर रही है। नीट के जरिए राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रयागराज, बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर और राजकीय मेडिकल कॉलेज कन्नौज में इसी सत्र से एडमिशन दे दिया गया है। कुछ कॉलेजों में पहले से कोर्स चल रहा है तो कुछ जगह अगले सत्र से यह कोर्स शुरू होना है।
सूत्र बताते हैं कि जहां कोर्स शुरू हो गया है, उन कॉलेजों में भी संसाधनों का अभाव है। कॉलेजों की स्थिति जानने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग की विशेष सचिव शुभ्रा सक्सेना ने समीक्षा की। इसमें कॉलेजों के प्रधानाचार्यों से पता चला कि ज्यादातर जगह कोर्स के मुताबिक संसाधन नहीं हैं। स्किल लैब, क्लास रूम, छात्रावास का अभाव है। जहां शैक्षणिक ब्लॉक हैं, वहां फर्नीचर एवं उपकरण नहीं हैं।
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शैक्षणिक संवर्ग के पद भी खाली हैं। ऐसे में सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित सुविधाओं के लिए प्रस्ताव तैयार कर चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय को भेजें। ताकि संसाधन विकसित किए जा सकें।
- आरएमएल लखनऊ में 40 सीट पर प्रवेश दिया गया है। अगले सत्र में यहां 60 सीटें की जाएंगी, लेकिन यहां बजट होने के बाद भी अभी शैक्षणिक ब्लॉक एवं छात्रावास, स्किल लैब, उपकरण, फर्नीचर का अभाव है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। शिक्षकों की भर्ती की भी प्रक्रिया चल रही है।
- जिम्स ग्रेटर नोएडा में शैक्षणिक ब्लॉक, छात्रावास, नियमित शिक्षक व स्किल लैब नहीं हैं।
- राजकीय मेडिकल कॉलेज अंबेडकरनगर में कोई भी ढांचागत सुविधा नहीं है।
- राजकीय मेडिकल कॉलेज आगरा में सीटें 40 से 60 होनी हैं। यहां स्किल लैब व छात्रावास भी नहीं है।
- राजकीय मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में 40 सीट पर एडमिशन हो चुका है, लेकिन फर्नीचर, उपकरण व स्किल लैब नहीं है।
- कॉलेज ऑफ नर्सिंग कानपुर में 40 सीट पर कोर्स चल रहा है। यहां छात्रावास के निर्माण और गैर शैक्षणिक संवर्ग के पदों पर भर्ती होनी है।
- राजकीय मेडिकल कॉलेज मेरठ में क्लास रूम का निर्माण, कंप्यूटर लैब, उपकरण खरीदे जाने हैं। यहां गैर शैक्षणिक संवर्ग के पदों पर भर्ती होनी है।
- राजकीय मेडिकल कॉलेज कन्नौज, प्रयागराज एवं आजमगढ़ में भी संसाधनों का अभाव है।
हर दिन हो रहा है बदलाव : पाठक
उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि सभी कालेजों को सुविधा संपन्न बनाया जा रहा है। जिन कॉलेजों में संसाधनों का अभाव है, उनसे प्रस्ताव मांगा गया है। मेडिकल कॉलेजों की हर दिन समीक्षा की जा रही है। उसी हिसाब से संसाधन भी बढ़ रहे हैं। अगले माह तक तस्वीर बदली हुई नजर आएगी। जहां कोर्स चल रहे हैं, वहां पहले संसाधन, स्टाफ बढ़ाए जा रहे हैं।