सत्तारूढ़ दल के नेताओं के गांव में हुए जश्न का मजा किरकिरा क्या हुआ तमाम अफसरों की शामत आ गई।
खासतौर पर पब्लिक के बीच सरकार की छवि चमकाने वाले महकमे के अफसर सरकार के सीधे निशाने पर हैं। सरकार मान रही है कि इन अफसरों ने मीडिया को ठीक से मैनेज नहीं किया जिससे निगेटिव खबरें आईं।
नेताजी से लेकर मुख्यमंत्री तक ने मीडिया मैनेजमेंट न कर पाने वाले अफसरों की जमकर क्लास ली। अफसर बेचारे सफाई देते परेशान हैं।
अब किस-किस का मुंह बंद कराएं? मीडिया, पार्टी या सरकार के हिसाब से तो काम करने से रही।
कुछ अफसर सरकार की ‘गुडबुक’ में बने रहने के लिए नए सिरे से मीडिया मैनेजमेंट में जुटे हैं। वे कितना कामयाब होंगे यह तो वक्त ही बताएगा। सही कहा गया है- करे कोई, भरे कोई।