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एमसी सक्सेना मामला, पुलिस को नहीं उपलब्ध कराया गया सीसीटीवी फुटेज, सर्च वारंट भी अटका

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लखनऊ। ठाकुरगंज के बरावनकला स्थित डॉ. एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज में मजदूरों के बंधक बनाने के मामले में पुलिस को अभी तक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज नहीं मिल सकी है। वहीं पुलिस सर्च वारंट कोर्ट से हासिल करने में अब तक नाकाम रही है। संस्थान के जिम्मेदारों के इस रवैये से आशंका जाहिर की जा रही है कि अंदर साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गई है और उसे मिटाने की कोशिश की गई है। पुलिस लगातार तीन दिन से फुटेज मांग रही है। वहीं सूत्रों की माने तो कर्मचारियों ने फुटेज पूरी तरह से डिलीट कर दिया है। वहीं उसके कुछ अंश के आधार पर गिरफ्तार आरोपी एडमिनिस्ट्रेशन हेड लव शेखर की जमानत के प्रार्थना पत्र में लगाया है। जमानत पर 25 फरवरी को कोर्ट में सुनवाई है।
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डीसीपी पश्चिम सोमेन बर्मा के मुताबिक, डॉ. एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज परिसर स्थित आरआर सिन्हा मेमोरियल अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज वहां के कर्मचारियों ने कई बार मांगने के बाद भी उपलब्ध नहीं कराए हैं। फुटेज से छेड़छाड़ की बात सामने आ रही है। यदि फुटेज से छेड़छाड़ की बात साबित होती है तो आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों से छेड़छाड़ की धारा बढ़ाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं बंधक बनाकर इलाज करने में वहां के किसी डॉक्टर की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहां इलाज करने वाले डॉक्टरों के विषय में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
आरोपियों की तलाश में दबिश
प्रभारी निरीक्षक ठाकुरगंज हरिशंकर चंद के मुताबिक, मजदूरों को बंधक बनाकर इलाज मामले में अस्पताल व कालेज प्रबंधन से जुड़े अधिकतर लोग घर छोड़कर फरार हो गए है। जैसे ही उन्हें विवेचना के आधार पर आरोपी बनाए जाने की सूचना मिली, उनकी धरपकड़ के लिए ठाकुरगंज, अलीगंज और महानगर में पुलिस लगी हुई है। डॉ. एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के एडमिनिस्ट्रेटिव हेड लव शेखर सक्सेना को बृहस्पतिवार रिमांड पर लेकर अस्पताल से लेकर घर तक सर्च अभियान चलाने के साथ पूछताछ की थी। आठ घंटे की रिमांड में पुलिस को कई अहम साक्ष्य हाथ लगे थे। इसके बाद पुलिस टीम ने अस्पताल से जुड़े लोगों को आरोपी बनाया। साथ ही उन डॉक्टरों का ब्यौरा जुटा रही है जिनकी उस दिन ड्यूटी थी। पुलिस का कहना है कि यदि डॉक्टरों ने जानते हुए मरीजों का गलत इलाज किया है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस ने 8 फरवरी को डॉ. आरआर सिन्हा मेमोरियल अस्पताल में मान्यता के लिए मजदूरों को बंधक बनाकर इलाज करने का खुलासा किया था। साथ ही मौके से एडमिनिस्ट्रेटिव हेड लव शेखर को गिरफ्तार किया था।
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