प्राइम लोकेशन पर खाली पड़ी चुंगी-चौकियों की जमीन पर पीपीपी मॉडल पर
होटल और शापिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की नगर निगम की योजना परवान चढ़ती नहीं
दिख रही है।
राजाजीपुरम की जलालपुर चुंगी-चौकी की जमीन पर बिल्डर एग्रीमेंट
के तहत बीते माह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी शुरू हुई थी। जिस
पर महापौर की आपत्ति के बाद ब्रेक लग गया है।
प्रशासक काल में जमीन संबंधी
लिए गए निर्णयों को नगर निगम सदन से निरस्त किए जाने का हवाला देते हुए
महापौर ने नगर आयुक्त से रिपोर्ट मांगी है।
राजाजीपुरम-बी
ब्लॉक में जलालपुर चुंगी चौकी की 3000 वर्ग फीट जमीन पर बिल्डर एग्रीमेंट
के तहत कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के तहत निर्माण की तैयारी थी। इसकी मंजूरी छह
साल पहले प्रशासक काल में हुई थी।
चुंगी चौकी की जमीन पर अवैध कब्जा होने
से खाली नहीं कराया जा सका था और कानूनी विवाद हो गया था। इसके निपटने के
बाद नगर निगम की टीम ने अवैध कब्जे को हाल में खाली करा जमीन को समतल
कराया। इसके बाद आवास विकास परिषद में कॉम्प्लेक्स का मानचित्र भी पास
कराने के लिए भेजा गया।
चुंगी चौकी की जमीन पर बिल्डर एग्रीमेंट के तहत
कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण की जानकारी के बाद महापौर डॉ. दिनेश
शर्मा ने इसकी पत्रावली तलब की। उनका कहना है कि नगर निगम सदन प्रशासक काल
में लिए गए जमीन संबंधी सभी निर्णय निरस्त कर चुका है।
मालूम
हो कि महापौर के कार्यकाल शुरू होने से पूर्व कुछ समय तक चुनाव न होने के
कारण नगर निगम में प्रशासक काल रहा था। चुनाव होने के बाद जब नगर निगम सदन
का गठन हुआ तो उसमें प्रशासक काल में जमीन संबंधी लिए गए निर्णयों को
निरस्त कर दिया गया था।
महापौर की आपत्ति के बाद जलालपुर चुंगी चौकी का काम
तो रुका ही है। साथ ही खाली अन्य चुंगी चौकियों की जमीन का व्यावसायिक
उपयोग भी लटक गया है।