बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को ट्वीट कर कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा बेरोजगारी की समस्या को अनदेखा करना उनके अहंकार का परिचायक है। उन्हें अपनी इस सोच का त्याग करना चाहिए।
उन्होंने रविवार को ट्वीट कर कहा कि कर्ज में डूबी घुटन का जीवन जीने को मजबूर किसानों द्वारा आत्महत्या की खबरें विचलित करती हैं, किन्तु अब बेरोजगार युवाओं द्वारा भी आत्महत्या करने की विवशता ने राष्ट्रीय चिन्ता, बेचैनी व आक्रोश को और बढ़ा दिया है। फिर भी विकास व इण्डिया शाइनिंग आदि जैसा भाजपा का दावा कितना उचित है?
साथ ही, भाजपा द्वारा संसद में भी बेरोजगारी की ज्वलन्त राष्ट्रीय समस्या से इंकार करना इनकी यह गलत व अहंकारी सोच नहीं है तो और क्या है? कौन युवा बेरोजगारी का ताना व अपमान सहना चाहता है? भाजपा के लोग अपनी संकीर्ण सोच व मानसिकता को त्यागें तभी देश का कुछ भला संभव है।
बीते कुछ दिनों में बेरोजगारी व कर्ज के कारण युवाओं के आत्महत्या करने की खबरें लगातार चर्चा में हैं।