फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mayawati: मायावती बोलीं - जातिवादी पार्टियों को अपने बुरे दिनों में ही आती है दलितों की याद

Mon, 23 Sep 2024 10:15 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को ट्वीट कर कांग्रेस सहित अन्य सभी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी को दलित और संविधान विरोधी बताया है।
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को सोशल मीडिया साइट एक्स पर बयान जारी कर कांग्रेस सहित अन्य दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जातिवादी पार्टियों को अपने बुरे दिनों में ही दलितों की याद आती है। वो अच्छे दिनों में दलित नेताओं को दरकिनार कर देती हैं।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि देश में अभी तक के हुए राजनीतिक घटनाक्रमों से यह साबित होता है कि खासकर कांग्रेस व अन्य जातिवादी पार्टियों को अपने बुरे दिनों में तो कुछ समय के लिए इनको दलितों को मुख्यमंत्री व संगठन आदि के प्रमुख स्थानों पर रखने की जरूर याद आती है लेकिन ये पार्टियां, अपने अच्छे दिनों में फिर इनको अधिकांशतः दरकिनार ही कर देती हैं तथा इनके स्थान पर फिर उन पदों पर जातिवादी लोगों को ही रखा जाता है जैसा कि अभी हरियाणा प्रदेश में भी देखने के लिए मिल रहा है।

ये भी पढ़ें - राज्य कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, दिवाली से पहले बोनस और डीए वृद्धि की घोषणा, इतनी होगी बढ़ोतरी
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - छोटे शहरों के लिए भी बनेगा मास्टर प्लान, रुकेगी भवन निर्माण में मनमानी, ये शहर आएंगे दायरे में


उन्होंने कहा कि ऐसे अपमानित हो रहे दलित नेताओं को अपने मसीहा बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर से प्रेरणा लेकर इन्हें खुद ही ऐसी पार्टियों से अलग हो जाना चाहिए तथा अपने समाज को फिर ऐसी पार्टियों से दूर रखने के लिए उन्हें आगे भी आना चाहिए क्योंकि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने देश के कमजोर वर्गों के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान की वजह से अपने केन्द्रीय कानून मन्त्री पद से इस्तीफा भी दे दिया था।  
विज्ञापन


कहा कि जिनसे प्रेरित होकर फिर मैंने भी जिला सहारनपुर के दलित उत्पीड़न के मामले में इसकी हुई उपेक्षा तथा ना बोलने देने की स्थिति में, फिर मैंने इनके सम्मान व स्वाभिमान में अपने राज्यसभा सांसद से इस्तीफा भी दे दिया था। ऐसे में दलितों को बाबा साहेब के पदचिन्हों पर चलने की ही सलाह है।

इसके इलावा, कांग्रेस व अन्य जातिवादी पार्टियां शुरू से ही इनके आरक्षण के भी विरूद्ध रही हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तो विदेश में जाकर इसको खत्म करने का ही एलान कर दिया है। ऐसी संविधान, आरक्षण व एससी, एसटी व ओबीसी  विरोधी पार्टियों से ये लोग जरूर सचेत रहें। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें