मायावती ने एक बार फिर नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा है कि काशी में भाजपा सांप्रदायिक व जातीय ध्रुवीकरण के लिए धरना करने का नाटक कर रही है।
मायावती ने आरोप लगाया कि गंगा आरती के जरिए भाजपा चुनावी लाभ लेना चाहती है। हालांकि, उन्होंने सपा सरकार को भी लपेटे में लिया।
उन्होंने अखिलेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उसकी शह पर ही भाजपा ध्रुवीकरण का खेल कर रही है।
मायावती ने कहा कि सुरक्षा को किसी तरह से भी चुनावी कार्यक्रम रद करने का कारण नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जानबूझकर काशी के जिला प्रशासन को मोहरा बनाकर भाजपा को फायदा पहुंचाना चाह रही है।
मुस्लिम ध्रुवीकरण के लिए बवाल
मायावती ने यह भी कहा कि आजमगढ़ में मुलायम की हार और काशी में मोदी की हार होती देखकर सपा और भाजपा मुस्लिम ध्रुवीकरण की चाल चल रही हैं।
उन्होंने कहा कि सपा चाहती तो मोदी के लिए सुरक्षा के जरूरी बंदोबस्त करवाती, लेकिन ध्रुवीकरण करवाने के लिए दोनों पार्टियों ने मिलीभगत कर ली है।
मायावती ने आरोप लगाया कि सपा ने जानकर भाजपा को धरना प्रदर्शन करने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि सपा और भाजपा का गठजोड़ चुनाव के पहले ही हो गया था।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा और सपा चुनाव के निष्पक्ष माहौल को खराब कर कुछ जातियों को भी प्रभावित करना चाहती हैं।
चुनाव आयोग करे सख्त कार्रवाई
मायावती ने कहा कि समाजवादी पार्टी को सत्ता का सुख भोगने का नशा है, इसीलिए वो भाजपा के साथ मिलकर मुस्लिम कार्ड खेल रही है।
उन्होंने कहा कि दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने मुजफ्फरनगर से लेकर फैजाबाद तक सांप्रदायिक माहौल बनाने की कोशिश की, लेकिन जब उनकी चाल सफल नहीं हुई तो अब काशी में नौटंकी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अमित शाह, मोदी और रामदेव यादव पर तमाम आरोप लगे, लेकिन चुनाव आयोग ने उनपर सख्त कार्रवाई नहीं की है।
मायावती ने कहा कि चुनाव आयोग के इस रवैये से भी तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं, इसलिए चुनाव आयोग को जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
क्यों हो रहा है काशी में बवाल?
इससे पहले बुधवार को दिन भर चले नाटकीय घटनाक्रम में भाजपा ने जहां डीएम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए बेनियाबाग में सभा की अनुमति नहीं दिए जाने को काशी की जनता से भद्दा मजाक बताया है, वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भाजपा को दो कार्यक्रमों की अनुमति महज पांच घंटों में ही दे दी गई।
बेनियाबाग की सभा को खुफिया एजेंसी से मिली रिपोर्ट के बाद सुरक्षा कारणों से खारिज किया गया है। वहीं भाजपा ने पांच आवेदनों में से चार की अनुमति देर रात दिए जाने पर रोहनिया की सभा को छोड़कर अन्य कार्यक्रमों से किनारा कर लिया।
मोदी अब न तो गंगा पूजन करेंगे और न ही बुद्धिजीवी सेमिनार। हालांकि भाजपा गुरुवार को बीएचयू लंका गेट पर मालवीय मूर्ति और दिल्ली में आयोग भवन के सामने धरना देगी।
पर, मोदी ने ट्वीट से की सियासत
वाराणसी में भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी को बेनियाबाग में सभा करने की अनुमति नहीं देने के मामले को लेकर गुरुवार सुबह भाजपा और वाराणसी जिला प्रशासन आमने-सामने आ गए।
इस मामले में नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा किया है। मोदी ने ट्वीट कर कहा, "चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम नहीं कर रहा है। चुनाव आयोग का ऐसा करना दुर्भाग्यपूर्ण है।"
मोदी ने ट्वीट किया, "मैं अपने सभी भाईयों, बहनों और कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे शांति बनाएं रखें और ऐसा कोई कार्य ना करें, जिससे आम लोगों को कोई परेशानी हो।"
गंगा आरती में शामिल ना होने पर मोदी ने ट्वीट कर कहा, "मैं आज आरती में शामिल ना होने के लिए मां गंगा से माफी चाहता हूं। वे लोग समझेंगे कि मां का प्यार राजनीति से कहीं ऊपर होता है।"