उत्तर प्रदेश में जबसे सपा सरकार बनी है तब से यहां कानून व्यवस्था काफी खराब है। सरकार अपराध को नहीं रोक पा रही है। इससे प्रदेश के विकास पर काफी प्रभाव पड़ा है। यूपी में कई बार राष्ट्रपति शासन की मांग की गई लेकिन केंद्र सरकार ने ध्यान नहीं दिया। ये बातें मायावती ने लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं। उन्होंने ये भी कहा कि किसी के बसपा छोड़ने से फर्क नहीं पड़ता है।
मायावती ने बीजेपी पर भी निशाना साधा और कहा, वोट मांगने के लिए बीजेपी ने यूपी की कानून व्यवस्था को देखते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने की बात कही थी लेकिन सत्ता में आते ही राजनीतिक स्वार्थ के चलते अनाप-शनाप बातें करके अपना पीछा छुड़ा रही है।
उन्होंने कहा, अमित शाह के बीते दिनों हो रही सभाओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वह यूपी में जंगलराज की बात कर रहे हैं। बार-बार यूपी की कानून व्यवस्था के लिए बयान दे रहे हैं कि सपा नहीं तो क्या राष्ट्रपति ओबामा कानून व्यवस्था सुधारेंगे, मायावती ने इस बयान को बचकाना और बेतुका बताया। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी की इस मामले पर चुप्पी की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने पर संवैधानिक तौर पर केंद्र को हस्तक्षेप करना चाहिए जिसमें मोदी सरकार असफल है। मायावती ने कहा कि बीजेपी घिनौनी राजनीति कर रही है। बीजेपी के सभी दावों का पर्दाफाश हो चुका है।
बीजेपी और सपा पर साधा निशाना
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बसपा सुप्रीमो ने कहा, यूपी में चल रही हवा से बीजेपी घबराई है। बिहार से बीजेपी को सबक लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजेपी राम मंदिर पर राजनीति कर रही है।
उन्होंने पार्टी छोड़कर गए बागी नेताओं के बारे में भी कहा कि किसी के आने या जाने से फर्क नहीं पड़ता, हमारा जनाधार मजबूत है।
मायावती ने कहा, भाजपा की स्थिति का अंदाजा जनसभाओंं में भीड़ से लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा, जनसभाओं में भीड़ इकट्ठी की गई होती है या टिकट का लालच देकर भीड़ जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा, बीजेपी बीएसपी के बढ़ते जनाधार से घबराई हुई है। भाजपा जनाधार बढ़ाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है।
बसपा सुप्रीमो ने कहा, हमारी पार्टी में आयाराम या गयाराम टाइप के लोगों से पार्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनावी वादों को पूरा न कर जनता को धोखा दिया है और अब जनता बहकावे में आने वाली नहीं है।