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गुंडागर्दी पर सांसद के बेटों पर गिरी मायावती की गाज, पार्टी से निकाला, बाप को भी दे डाली वार्निंग

Fri, 08 Dec 2017 10:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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बसपा सुप्रीमो मायावती - फोटो : amar ujala
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने राज्यसभा सांसद मुनकाद अली के बेटों सलमान व फरमान को पार्टी से बाहर कर दिया है। यह भी कहा है कि सांसद को यदि पुत्र के खिलाफ की गई कार्रवाई बुरी लगती है तो वे पार्टी में रहने या छोड़कर जाने के लिए आजाद हैं।
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मायावती ने यहां एक बयान में सत्ता व संगठन में अपने पूर्व के तमाम सख्त फैसलों का हवाला देते हुए इस कार्रवाई का एलान किया। कहा कि पार्टी के राज्यसभा सांसद मुनकाद अली के बेटे की पत्नी हाल ही में मेरठ जिले की किठौर नगर पंचायत से पार्टी टिकट पर अध्यक्ष चुनी गई हैं।

पता चला है कि सांसद के बेटे सलमान वहां अपने कुछ समर्थकों के साथ एक दुकान पर जबरन कब्जा व एक दलित की दुकान में तोड़फोड़ करने में शामिल हैं। उन्होंने कहा, इसे अत्यंत गंभीरता से लिया गया और कानून हाथ में लेने की वजह से अली के बेटों को बसपा से निकाल दिया गया है।
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मायावती ने कहा, यदि सांसद को पुत्र के खिलाफ की गई कार्रवाई बुरी लगती है तो फिर वे भी पार्टी में रहने या ना रहने के लिए स्वतंत्र हैं। यदि वे पुत्र मोह से अलग हटकर पार्टी हित में इस फैसले का स्वागत करते हैं तो फिर पार्टी इन्हें आगे भी पूरा सम्मान देती रहेगी।

'कानून के दायरे में रहकर क्षेत्र की सेवा करें'

- फोटो : amar ujala
मायावती ने निकाय चुनाव में जीते बसपा के लोगों को निर्देशित किया है कि वे भी कानून के दायरे में रहकर अपने क्षेत्र की सेवा करें। दूसरी पार्टियों की तरह कानून अपने हाथों में कतई न लें। बताते चलें कि बसपा से नसीमुद्दीन सिद्दीकी को पार्टी से बाहर करने के बाद मुनकाद अली ही मुख्य मुस्लिम चेहरा हैं। पर, बेटे की वजह से अब वे निशाने पर आ गए हैं।

मामला शांत करने को हुई कार्रवाई, हम पार्टी का काम करते रहेंगे : मुनकाद
इस संबंध में सांसद मुनकाद अली का कहना है कि वहां साजिश के तहत माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई थी। लोगों ने दलितों को आगे कर मुझे दलित विरोधी करार देने की कोशिश की। सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया।

उन्होंने कहा,वह हमेशा से दलितों का समर्थन करते आए हैं। माहौल को शांत करने के लिए बहनजी ने यह कार्रवाई की है। वह उनके फैसले का स्वागत करते हैं। सांसद ने कहा,मायावती मेरी नेता हैं और उनके हर आदेश का पालन करेंगे। पार्टी की जो जिम्मेदारी है उसका पालन करते रहेंगे।
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डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर छुट्टी रद्द करना गलत

बसपा अध्यक्ष मायावती ने केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार पर दलित विरोधी मानसिकता से काम करने का आरोप लगाया है। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथि पर होने वाली छुट्टी रद्द करने की भी निंदा की। उन्होंने एक बयान में कहा,भाजपा चुनाव के समय अयोध्या का मुद्दा उछालकर माहौल को हिंदू-मुस्लिम बनाने और अंबेडकर के नाम पर उनके अनुयाइयाें को प्रभावित करने के लिए तरह-तरह का नाटक करती रहती है।

बाबा साहब के नाम से जुड़े स्थलों में रुचि लेना वोट बैंक का लालच व दिखावटी है।बसपा सरकार में अंबेडकर के सम्मान में कई भव्य स्मारक बनवाए गए थे। पहले सपा सरकार ने इसकी उपेक्षा की। बाद में जब भाजपा सरकार आई तो बसपा प्रतिनिधिमंडल ने कई बार मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रख-रखाव में सुधार का आग्रह किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस तरह भाजपा और प्रधानमंत्री पर कौन भरोसा कर सकता है?

मायावती ने अयोध्या पर सुनवाई के दौरान उठे नए विवाद पर कहा, यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। ऐसे में यह न्यायालय पर ही छोड़ देना बेहतर है कि वह कब और कैसे सुनवाई करता है और कब व क्या फैसला करता है। इस संवेदनशीन मामले में भाजपा व कांग्रेस को राजनीति नहीं करनी चाहिए।
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