फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बजट व 'विकास पुरुष' पर मायावती ने उठाए सवाल

Sun, 14 Feb 2016 02:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पांचवें बजट को पूरी तरह से भ्रामक, चुनावी व कागजी बताया है। बसपा अध्यक्ष ने कहा है कि इस बजट से भी प्रदेश की गरीब आम जनता व किसानों का कुछ भी भला होने वाला नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अखिलेश सरकार में 'विकास पुरुष' कौन हैं? उन्होंने सपा सरकार में मनमुटाव होने की भी बात कही।
विज्ञापन


मायावती ने यहां जारी एक बयान में कहा कि प्रदेश की जनता सपा सरकार की गलत नीतियों व कार्यकलापों से पिछले चार सालों से त्रस्त है। उसे इस चुनावी वर्ष में बरगलाने के लिए कई लोक-लुभावन वादे किए गए हैं।

प्रदेश की जनता पिछले चार साल की बजटीय घोषणाओं का हाल देख चुकी है। ज्यादातर घोषणाएं जमीन पर नहीं उतरी और जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है।

सपा सरकार की बिजली, सड़क, पानी व जनहित की अन्य सुविधाओं के वादे कागजी साबित हो रहे हैं। ऐसे में इस पांचवें और अंतिम बजट से भी कुछ होने वाला नहीं है।
विज्ञापन

पानी की तरह पैसा बहाकर जनता को बहला रही सपा

मायावती ने कहा कि पहले बजट में घोषणाएं कर जनता को बरगलाने का प्रयास किया जाता है। इसके बाद विज्ञापनों के जरिए सरकारी धन पानी की तरह बहाकर जनता को दिगभ्रमित करने की कोशिश की जाती है। आमजनता सपा के इस छलावे में नहीं आने वाली है।

मायावती ने कसा तंज, पूछा तथाकथित विकास पुरुष कौन
बसपा सुप्रीमो ने सपा पर तंज कसते हुए कहा है कि सपा सरकार में आपसी मतभेद व मनमुटाव के कारण यह तय नहीं हो पा रहा है कि इसमें तथाकथित ‘विकास पुरुष’ कौन है?

उन्होंने कहा कि सरकारी तौर पर दावा है कि मुख्यमंत्री विकास पुरुष हैं जबकि मुख्यमंत्री के मंत्री चाचा से जुड़े लोग उन्हें विकास पुरुष होने का दावा करते हैं। यह नजारा बजट वाले दिन दिखा।

मुख्यमंत्री एक ओर बजट पेश कर रहे थे वहीं उनके मंत्री चाचा के 61वें जन्मदिन से जुड़े विज्ञापनों में उन्हें  बढ़ा-चढ़ाकर विकास पुरुष होने का दावा किया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें