लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में 71वें भारत गणित परिषद (बीजीपी) सम्मेलन के अंतिम दिन रविवार को गणित की प्रगति व प्रयोगों पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। इसमें अध्यक्ष प्रो. पीयूष चंद्रा और प्रो. एमए सोफी ने कहा कि गणित केवल समीकरणों को हल करने के बारे में नहीं है, यह ब्रह्मांड की भाषा को समझने में भी मदद करती है।
प्रोफेसर पी. मोहंती ने कहा कि गणित शुद्ध सिद्धांत और वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों के बीच एक सेतु का काम करती है, जो अमूर्त अवधारणाएं शुरू हुईं, वे अब वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल कर रही हैं, जिनकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी। डॉ. अमित वर्मा ने कहा, जैसे-जैसे गणित विकसित होता है, हमें अपने समीकरणों और अपनी सोच दोनों में लगातार नए परिवर्तनों की तलाश करनी चाहिए।
कश्मीर विश्वविद्यालय के प्रो. एमए सोफी ने कहा कि गणित हमारे ज्ञान की सीमित सीमाओं के भीतर अनंत संभावनाओं का मानचित्रण करने की यात्रा है। आईआईएसईआर मोहाली पंजाब के प्रो. दीप सिंह ने कहा, डाटा की ओर से संचालित दुनिया में डिजिटल गोपनीयता के लिए लगातार विकसित हो रहे खतरों के खिलाफ गणित सबसे मजबूत ढाल है।