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संगम तट पर होंगे राम मंदिर के साथ हिंदुत्व पर अन्य कई फैसले, माघ मेले में विहिप की कई बैठकें

Fri, 10 Jan 2020 10:35 AM IST
शाहरुख खान ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
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विश्व हिंदू परिषद - फोटो : Social Media
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हिंदुत्व और मंदिर मुद्दे पर कई बड़े फैसलों का साक्षी प्रयागराज का संगम तट 10 जनवरी से शुरू होने वाले एक माह के इस माघ मेले में फिर हिंदुत्व के एजेंडे पर कुछ खास फैसलों का गवाह बनने जा रहा है। 
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इनमें मंदिर निर्माण की तैयारी की योजना से लेकर हिंदुओं की एकजुटता बढ़ाने और राम-नाम के सहारे गांव-गांव हिंदुत्व का माहौल बनाने के साथ छुआछूत विरोधी अभियान सहित अन्य कई मुद्दे शामिल हैं।

हिंदुओं को एकजुट करने के काम में जुटी विहिप की तैयारी इन बैठकों के जरिये सीएए के पक्ष में भी नए सिरे से लामबंदी की तैयारी की है। रामोत्सव पर भी बड़ी मुहिम की योजना यहीं पर बनेगी। चार ऐसी बैठकें बुलाई गई हैं जिसमें देश भर में काम करने वाले विहिप के पदाधिकारी शामिल होंगे।
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मंदिर पर 17-18 को तय होगी भावी भूमिका
अयोध्या पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद अब मंदिर निर्माण शुरू होना है। संघ व विहिप की चिंता मंदिर निर्माण के साथ हिंदुत्व की उस चेतना को बनाए रखने की भी जिसके सहारे देश में बड़े सियासी उलटफेर हुए हैं। इसीलिए विहिप ने इस दिशा में योजना बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए 17 व 18 जनवरी को माघ मेले में विहिप ने क्षेत्रीय चिंतन बैठक बुलाई है। 

इसमें मनन-मंथन के बाद आगे की तैयारी को अंतिम रूप दिया जाएगा। 20 को विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक भी बुलाई गई है। इसमें चिंतन बैठक के निष्कर्षों को रखकर मंदिर निर्माण की तैयारियों, निर्माण समिति, ट्रस्ट निर्माण जैसे मु्ददों पर  विमर्श होगा। साथ ही 25 मार्च से 9 अप्रैल तक आयोजित होने वाले राममहोत्सव पर भी योजना बनाई जाएगी। राम महोत्सव के जरिये गांव-गांव फिर हिंदुत्व का ज्वार चढ़ाने की विहिप की तैयारी है। इसके लिए एक बड़े अभियान की योजना बनाई जा रही है।

समरसता अभियान पर 1 से 3 फरवरी तक बैठक
विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अंबरीष कहते भी हैं कि हिंदुत्व विरोधी ताकतें तरह-तरह के  षडयंत्रों से हिंदू समाज को तोड़ने और बांटने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए झूठे तर्क गढ़े जा रहे हैं और उनका दुष्प्रचार कर हिंदुओं को अलग करने की साजिश हो रही है। हिंदुओं की एकजुटता से हाशिए पर गए सियासी दल भी इसमें सहयोगी बने हुए हैं। इनकी कोशिश है कि अगड़ों, पिछड़ों और दलितों में बांटकर इस एकजुटता को तोड़ा जाए। 

विहिप काफी पहले से समरसता मुहिम के जरिये हिंदुओं में छुआछूत विरोधी अभियान चलाती आ रही है, लेकिन नए तरीके के षडयंत्रों को देखते हुए देश भर के प्रतिनिधियों को माघ मेले में बैठक के लिए प्रयाग बुलाया गया है। इसमें इन षडयंत्रों का जवाब देने और ज्यादा सघन सामाजिक समरसता अभियान चलाने की रणनीति बनेगी।
 
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ये बैठकें भी खास

2 से 4 फरवरी तक विहिप के सत्संग प्रमुखों की बैठक बुलाई गई है। 5 व 6 फरवरी को दुर्गावाहिनी की संयोजिकाओं की भी  बैठक प्रयाग में होगी। 7 व 8 फरवरी को काशी प्रांत के गांव स्तर तक के संगठन के संयोजकों का सम्मेलन होगा। दुर्गावाहिनी महिलाओं को विहिप से जोड़ने का काम करती है और महिलाओं के बीच हिंदुत्व के तात्कालिक मुद्दों पर जनजागरण करती है।

जबकि सत्संग प्रमुख समसामायिक विषयों पर विहिप की नीति व रणनीति का प्रचार-प्रसार करते है। वैसे तो सभी बैठकों में नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष में हिंदुओं की लामबंदी महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगी, लेकिन सत्संग प्रमुखों और दुर्गावाहिनी संयोजिकाओं की बैठक में विशेषतौर पर इस बारे में हिंदुओं के बीच किए जा रहे दुष्प्रचार का जवाब देने की रणनीति बनेगी।
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