लखनऊ। गलत जीआईएस सर्वे के चलते जिन लोगों के मकानों का गृहकर दो गुना तक बढ़ गया था, उन्हें शुक्रवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में राहत मिली। नगर निगम मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में गृहकर, जलकर, सीवर कर, सड़क और मार्ग प्रकाश सहित जमीन कब्जे से जुड़ी कुल 81 शिकायतें आईं। इनमें से 40 गृहकर संबंधी शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही किया गया, जबकि सड़क निर्माण और सीवर लाइन जैसी मांगों से जुड़ी शिकायतों पर फिलहाल कार्रवाई लंबित रखी गई।
सरोजनीनगर क्षेत्र के नरायनपुर गांव से आए मुन्ना लाल यादव ने बताया कि उनकी निजी जमीन पर एक व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है। पहले तहसील में दौड़ने के बाद जब पता चला कि इलाका अब नगर निगम में आ गया है, तो वे यहां पहुंचे, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। निगम अधिकारियों ने इसे “निजी जमीन का मामला” बताकर पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने बताया कि पुलिस में भी शिकायत की, लेकिन वहां से भी कार्रवाई नहीं हुई।
राजाजीपुरम निवासी रामकृष्ण गुप्ता ने बताया कि दो साल पहले उनका गृहकर 675 रुपये से बढ़कर 3535 रुपये कर दिया गया था। शिकायत के बाद दो साल से फाइल कर्मचारियों के चक्कर काट रही थी। अब संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे तो कर्मचारियों ने समायोजन का आश्वासन दिया।
सांसद निधि से सड़क बनवाने की नसीहत
दिवस के दौरान एक व्यक्ति मोहनलालगंज सांसद आर.के. चौधरी का पत्र लेकर पहुंचा, जिसमें नगर निगम से सड़क निर्माण की मांग की गई थी। पत्र पढ़ने के बाद महापौर सुषमा खर्कवाल ने पत्र लौटा दिया। उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों के पास अपनी निधि होती है। वे चाहें तो उसी से काम कराएं। नगर निगम के पास सीमित बजट है, इसलिए सभी मांगें पूरी कर पाना संभव नहीं है। महापौर ने यह भी कहा कि कई जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए निगम को पत्र लिख देते हैं, जबकि उन्हें स्वयं पहल करनी चाहिए।
शिलापट पर नाम न होने पर पार्षद का विरोध
भाजपा पार्षद दल के उपनेता सुशील तिवारी ‘पम्मी’ ने बैठक में हुसैनगंज चौराहे पर लगे शिलापट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि चौराहे का नामकरण महाराणा प्रताप के नाम पर करने का प्रस्ताव नगर निगम सदन व कार्यकारिणी से पास हुआ था, लेकिन वहां लगाए गए शिलापट पर सांसद राजनाथ सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल और स्थानीय पार्षद के नाम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम को इस पर ध्यान देना चाहिए और उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
इनको मिली गलत गृहकर निर्धारण से राहत
नसरीन हैदर (अलीगंज) – वार्षिक गृहकर 77,112 रुपये से घटाकर 27,000 रुपये किया गया।
राजकुमारी (नटखेड़ा) – गृहकर 14,400 रुपये से घटाकर 10,125 रुपये किया गया।
रामतीरथ चौधरी (खरिका प्रथम वार्ड) – गृहकर 16,200 रुपये से घटाकर 14,400 रुपये किया गया।
मनीष मित्तल (इंदिरानगर) – गृहकर 64,638 रुपये से घटाकर 58,320 रुपये किया गया।
नगर निगम का समाधान दिवस।
नगर निगम का समाधान दिवस।
नगर निगम का समाधान दिवस।