पिछले दो दिनों से प्रदेश में बादलों की आवाजाही ने जहां गर्मी से राहत दी है वहीं मानसून का भी इंतजार शुरू करा दिया है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार एक महीने बाद सूबे में ‘मानसून एक्सप्रेस’ दस्तक दे सकता है। प्रदेश के मौसम विज्ञानियों ने अनुसार मानसून अपनी सामान्य रफ्तार से अगर आगे बढ़ता रहा तो 15 जून से इसके प्रदेश में पहुंचने की संभावना है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्त ने बृहस्पतिवार को बताया कि अभी एक महीना पहले प्रदेश में मानसून के आने का सटीक पूर्वानुमान लगाना आसान नहीं है।
कई बार पूरे रूट में डवलप होने वाले विक्षोभ से मानसून के आगे बढ़ने की रफ्तार पर असर पड़ता है। राजधानी में मानसून के पहुंचने का समय 15 जून से 18 जून निर्धारित है।
लेकिन कई बार ये निर्धारित अनुमान से तीन से चार दिन आगे-पीछे रहता है। केरल में 30 मई को पहुंचने के बाद अगर ये आगे भी बिना किसी विक्षोभ के आगे बढ़ता रहा तो तय अवधि से तीन-चार दिनों के अंतराल में ये प्रदेश में पहुंचेगा।