पत्नी से झगड़ाकर घर से निकले बिरजू के सिर पर ऐसी हैवानियत सवार हुई कि उसने पांच साल की मासूम बेटी पर सारा गुस्सा निकाल दिया। भूख से बिलख रही बच्ची ने जब पिता से खाना मांगा तो उसने उसे गोमती में डुबोकर मारा डाला।
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दो नागरिकों ने बच्ची को बचाने के लिए गोमती में छलांग लगाई लेकिन उसकी सांसें उखड़ चुकीं थीं। भागने की कोशिश कर कर रहे बिरजू को उन्होंने पकड़कर पहले तो उसकी धुनाई की फिर पुलिस को सौंप दिया।
इंस्पेक्टर महानगर प्रमोद कुमार झा ने बताया कि घटना मंगलवार सुबह 11.30 बजे की है। स्मृति वाटिका चौराहे के पास ओवरब्रिज के फुटपाथ पर बेल बेचने वाले कल्लू और फल का ठेला लगाने वाले उसके मामा रिजवान खां ने एक युवक को बच्ची को डुबोते देखा। दोनों बच्ची को बचाने दौड़े।
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तैरकर भाग रहे हत्यारे को तैरकर पकड़ा
बच्ची को डुबो रहे युवक ने शोर सुनकर डुबकी लगाई और भागने के इरादे से तैरकर दूसरे किनारे पर पहुंचने की कोशिश करने लगा।
कल्लू ने डूबी बच्ची को गोता लगाकर निकाला लेकिन वह दम तोड़ चुकी थी। कल्लू ने बच्ची का शव फल की दुकान लगाने वाली अपनी मां को सौंपा और हत्या करके भाग रहे युवक को पकड़ने के इरादे से दुबारा छलांग लगा दी। जांबाज मामा-भांजे ने गोमती के दूसरे तट पर उसे दबोच लिया।
पकड़ा गया तो मानसिक संतुलन खराब होने का किया नाटक
हत्थे चढ़े आरोपी की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर के खरकपुर बिरारी निवासी बिरजू साहनी के रूप में हुई। रिजवान की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज करके बिरजू को गिरफ्तार किया। उसकी जेब से दस रुपये, मोबाइल व थैले में कुछ कपड़े मिले। बिरजू के मोबाइल से परिवारीजनों के नंबर मालूम कर फोन किया गया।
हत्थे चढ़ते ही बिरजू ने दिमागी संतुलन गड़बड़ होने का नाटक शुरू किया। कड़ाई से पूछताछ में कुबूला कि पुरानी दिल्ली के नरौला क्षेत्र स्थित झोपड़पट्टी में पत्नी शालू, बेटी शिवानी (5) व डेढ़ साल की मुस्कान के साथ रहकर मजदूरी करता था।
उसे पत्नी पर शक था और वह शिवानी को अपनी बेटी भी नहीं मानता। इसके चलते रविवार को पत्नी से झगड़ा हुआ। इसके बाद वह बेटी को लेकर मुजफ्फरपुर के लिए निकला। उसने बताया कि जेब में 20-25 रुपये थे। हालांकि वह लखनऊ में ही उतर गया।
रास्ते में शिवानी खाने के लिए जिदकर रोने लगी। वह उसे नहलाने के बहाने गोमती में ले गया। इस बीच भूख के लिए शिवानी के रोने से उसका पारा चढ़ गया और उसने शिवानी को डुबो दिया।
नहीं पसन्द था पत्नी का किसी और से बात करना
इन्होंने पकड़ा आरोपी को
इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार झा ने बताया कि बिरजू के परिवारीजनों से फोन पर बातचीत करके जानकारी एकत्र की गई। बिरजू का परिवार कई साल से दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। उसी बस्ती में बिहार के ही सासाराम की शालू गुप्ता भी रहती है।
बिरजू की बहन पूनम से उसकी दोस्ती हुई थी। इसके साथ बिरजू से प्रेमप्रसंग हुआ और सात साल पहले दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया था। खुले स्वभाव की शालू का किसी से भी बात करना बिरजू को नागवार गुजरता था।
शक की वजह से पति-पत्नी में अक्सर झगड़ा होने लगा और बिरजू न सिर्फ पत्नी से झगड़कर घर से निकला, बल्कि मासूम बेटी को रास्ते में ही मार डाला।
इंस्पेक्टर ने बिरजू की पत्नी शालू, साले प्रमोद गुप्ता व बहन पूनम को कॉल करके मामले की जानकारी दी। परिवारीजनों ने बुधवार सुबह तक लखनऊ पहुंचने की बात कही है।