इंदिरानगर में दिनदहाड़े बेखौफ बदमाशों ने इलाके के प्रतिष्ठित व्यापारी पंकज जायसवाल (38) की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद आक्रोशित लोग सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे और इसी बीच मुख्य आरोपी कार से थाने पहुंचा और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। जबकि कार चालक और दो अन्य आरोपी फरार हो गए। हत्या के पीछे लेन-देन का विवाद बताया जा रहा है।
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पुलिस के मुताबिक इंदिरानगर के अमराई गांव निवासी व्यवसायी पंकज जायसवाल का घर से कुछ दूर किराने का गोदाम है। उन्होंने साबुन व मसाले की एजेंसी भी ले रखी थी।
गांव कपासी में उनकी शराब की दुकान है और वह प्रॉपर्टी डीलिंग भी करते थे। पंकज सुबह नौ बजे अपने गोदाम के पास एक मकान के चबूतरे पर बैठे थे। पास में ही छोटा भाई दीप कुमार जायसवाल खड़ा था और नौकर सोनू लोधी व अन्य कर्मचारी गोदाम में काम कर रहे थे।
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इसी बीच कपासी निवासी विमलेश रावत, गांव जरहरा निवासी रामकुमार उर्फ रामू गौतम व धर्मेंद्र यादव के साथ वैगन-आर कार से वहां पहुंचे। विमलेश व रामकुमार पंकज के साथ बैठकर बातचीत करने लगे।
...अचानक पिस्तौल निकाली और मार दी गोली
इनसेट में मृतक पंकज व जांच करती पुलिस
- फोटो : amar ujala
तभी विमलेश ने पिस्तौल निकाली और पंकज को सटाकर गोली मार दी। पंकज वहीं गिर गए। गोली चलने की आवाज सुनकर दीप, सोनू व आसपास के लोग दौड़े। इस बीच धर्मेंद्र ने कार स्टार्ट की और दोनों हमलावरों के सवार होते ही नौबस्ता रोड पर गाड़ी दौड़ा दी। भाई दीप कुमार ने पुलिस कंट्रोल रूम फोन करके वारदात की सूचना दी और खून से लथपथ पंकज को लोहिया अस्पताल ले गया। जहां डॉक्टरों ने पंकज को मृत घोषित कर दिया।
लोग करते रहे गिरफ्तारी की मांग, थाने पहुंचा हत्या का आरोपी
वारदात के बाद आक्रोशित नागरिकों ने अमराई गांव में जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। एसओ इंदिरानगर नोवेंद्र सिंह सिरोही व एसएसआई शंभूनाथ तिवारी मौके पर पहुंचे। आरोपियों की तलाश शुरू की गई। इसी बीच विमलेश कार लेकर इंदिरानगर थाने पहुंच गया। खुद को पुलिस के हवाले करते हुए वारदात में इस्तेमाल असलहा भी पुलिस को सौंप दिया।
हत्या का पता चलते ही किसान नेता मो. फहीम सिद्दीकी व पूर्व विधायक राजेंद्र यादव ने परिवारीजनों को ढांढस बंधाने के साथ हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। दीप कुमार ने विमलेश गौतम, धर्मेंद्र यादव व रामकुमार गौतम के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रंगदारी मांगने पर की थी शिकायत पर लापरवाह बनी रही पुलिस
घटना के बाद मृतक के घर पर लगी भीड़
- फोटो : amar ujala
दीप व उसके रिश्तेदारों ने कहा कि दबंगों द्वारा रकम हड़पने व रंगदारी मांगने को लेकर पंकज ने पुलिस से मदद मांगी थी। दीप ने बताया कि उसके पिता की काफी समय पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। मां भी पिछले साल चल बसीं। एक ही घर में वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ रहता है। उसी में बड़े भाई पंकज अपनी पत्नी चीना जायसवाल के साथ रहते थे। उनके कोई संतान नहीं थी।
...तो यहां से हुई विवाद की शुरुआत
विमलेश रावत व रामू गौतम के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराते हुए दीप कुमार जायसवाल ने पुलिस को बताया कि पंकज ने गांव कपासी में शराब का ठेका लिया था। तब ग्रामीणों के विरोध करने पर विमलेश ने समर्थन दिया था। इससे दोनों में दोस्ती हुई और विमलेश ने जमीन के धंधे में पैसा लगाने को कहा।
दो साल पहले विमलेश, रामकुमार व पंकज ने साझेदारी में 60 लाख रुपये बीघा के हिसाब से 2 बीघा 18 बिस्वा जमीन खरीदी। तीनों ने 42-42 लाख रुपये लगाए और साईं मंत्र ग्रीन सिटी नामक फर्म बनाई। एक बीघा जमीन फर्म के नाम व एक बीघा पंकज के नाम और 18 बिस्वा विमलेश के नाम लिखा-पढ़ी कराई। महीना भर पहले पार्टनरों में विवाद हो गया। पुलिस चौकी में पंचायत हुई।
पंकज ने कहा कि विमलेश व रामू उससे 12 लाख की रंगदारी वसूल चुके हैं, जबकि विमलेश ने उस पर मोटी रकम हड़पने का आरोप लगाया। तय हुआ कि तीनों पार्टनर बैठकर हिसाब करेंगे।