चंडीगढ़ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा गिरफ्तार नशा तस्करों को डिस्को में काम करने वाले तीन बाउंसरों और कालेज छात्रों को हेरोइन की सप्लाई करनी थी। एनसीबी अधिकारियों की मानें तो वे अब इन कस्टमरों की लिस्ट तैयार कर उनसे पूछताछ करने की तैयार कर रहे हैं।
एनसीबी ने खुलासा किया है कि पहले तो हेरोइन की खेप पंजाब बार्डर एरिया से आती थी, लेकिन अब पिछले कुछ समय से देखा गया है कि दिल्ली से शहर में हेरोइन की खेप पहुंच रही है। एनसीबी ने 10 जुलाई को 610 ग्राम हेरोइन के साथ भिवानी के रहने वाले अजीत सिंह और शिवम को गिरफ्तार किया था।
610 ग्राम हेरोइन में सीधे सीधे 8 लाख का फायदा
एनसीबी की जांच में सामने आया की आरोपियों के पास से बरामद हेरोइन की कीमत बाजार में 10 लाख रुपये है। आरोपी हेरोइन दिल्ली से एक नाइजीरियन से खरीद कर लाए थे। एनसीबी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे प्रति दस ग्राम हेरोइन तीन हजार रुपये में बेचते थे। इस हिसाब से ये सारी हेरोइन बिकने पर तस्करों को सीधा करीब आठ लाख रुपये का फायदा था। दोनों पिछले 6 माह से हेरोइन तस्करी कर रहे थे। इस दौरान वे दिल्ली से कई बार हेरोइन की खेप लेकर शहर में आ चुके हैं।
स्पेशल ड्राइव के चलते पांच तस्करों को पकड़ा
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- फोटो : amar ujala
तस्कर खुद ही हेरोइन बनाते हैं
एनसीबी का कहना है कि तस्कर अफीम में एक केमिकल मिलाकर खुद ही हेरोइन तैयार कर लेेते हैं। तस्करों से पूछताछ में सामने आया है कि 10 किलो अफीम से एक किलो हेरोइन बनाई जा सकती है। तस्कर उसमें एक खास तरह केमिकल मिलाते हैं और हेरोइन बनाते है। यह काफी खतरनाक ट्रेंड है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह केमिकल मिलाकर हेरोइन बनाने में केमिकल की मात्रा ऊपर नीचे होने से जान को भी खतरा हो सकता है।
स्पेशल ड्राइव के चलते पांच तस्करों को पकड़ा
एनसीबी का कहना है कि स्पेशल ड्राइव केचलाकर पिछले तीन दिन में हेरोइन व अफीम केसाथ पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। 11 जुलाई को ही एनसीबी ने सेक्टर 43 के बस स्टैंड से दो तस्करों को चप्पलों में छिपाकर ला रहे 2.7 किलो अफीम पकड़ी थी। शुक्रवार को दोनों कोर्ट में पेश कर दो दिनों के रिमांड पर ले लिया है।