लखनऊ के गुडंबा इलाके में युवती से एकतरफा प्यार करने वाले पड़ोसी ने भाड़े के हत्यारे से उसके पिता व सहारा स्टेट के माली पप्पू लोध की हत्या कराई थी। जानकीपुरम पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके वारदात का खुलासा किया है।
पड़ोसी ने कुबूला कि वह युवती से एकतरफा प्यार करता था। उसके पिता ने लड़की की मर्जी के खिलाफ शादी तय कर दी थी। वह पिता को ठिकाने लगाकर लड़की की नजरों में हितैषी बनना चाहता था इसलिए उसने ये साजिश रची।
पड़ोसी ने कुबूला कि मर्जी के खिलाफ शादी से परेशान युवती का ध्यान अपनी तरफ आकृष्ट कराने के लिए उसके पिता को ठिकाने लगाने के लिए 20 हजार की सुपारी दी थी।
एएसपी ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार ने बताया कि जानकीपुरम इलाके में रविवार रात सहारा स्टेट के माली पप्पू लोध की गला काटकर हत्या के मामले में उसके पड़ोसी महेश और गांव में रह रहे सीतापुर के सदरपुर थाने के गांव सेहलिया के मूलनिवासी भोला सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
भोला सिंह की निशानदेही पर खून से सने उसके कपड़े, वारदात में इस्तेमाल कैटरर का चाकू बरामद हुआ है। इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह ने घटनास्थल से अंग्रेजी शराब का एक खाली हाफ, क्वाटर, तीन डिस्पोजल ग्लास व पानी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला प्लास्टिक का डिब्बा बरामद किया।
बेटी का ध्यान खींचने को कराया कत्ल
डेमो पिक
भोला सिंह ने कुबूला कि महेश ने उसे पप्पू की हत्या के लिए 20 हजार रुपये देने का वादा किया था। कुछ दिनों पहले 11500 रुपये एडवांस दिए। इतना ही नहीं रविवार को शराब के पैसे व चाकू उपलब्ध कराया था। वह जानकीपुरम इलाके में छुइयापुरवा चौराहे पर पप्पू के इंतजार में काफी देर तक चहलकदमी करता रहा।
महेश ने कुबूला कि वह पप्पू की बेटी से प्यार करता था और उसके साथ जिंदगी बिताने का ख्वाब देख रहा था। इस बीच पप्पू ने अपने मौसा की मदद से बेटी की शादी एक अन्य युवक से कर दी।
मर्जी के खिलाफ शादी से वह परेशान थी। महेश ने मित्रता के चलते बेटी को पिता के खिलाफ भड़काया। इसके साथ उसका ध्यान आकृष्ट कराने के लिए पप्पू के कत्ल की साजिश रची। सीतापुर के मूलनिवासी भोला सिंह को 20 हजार का लालच देकर हत्या के लिए राजी किया। पूछताछ में खुलासा किया कि कैटरर के चाकू पर धार लगवाकर भोला सिंह को दिया था।
ऐसे अंजाम दी वारदात
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सीओ अलीगंज विवेक त्रिपाठी ने बताया कि पड़ोसी होने के नाते महेश को पप्पू की दिनचर्या मालूम थी। पता था कि पप्पू को अंग्रेजी शराब का लालच देकर सुनसान स्थान पर ले जाया जा सकता है।
गांव में रहने की वजह से भोला सिंह का भी पप्पू से परिचय था। उसने साइकिल से घर लौट रहे पप्पू को रास्ते में रोककर शराब का लालच दिया और सड़क किनारे कूड़ाघर में ले गया। पप्पू से ही तीन ग्लास व पानी मंगवाया था।
जाम लड़ाने के बाद महेश किनारे हट गया और भोला ने चाकू से हमला करके पप्पू का गला काट दिया। खून से लथपथ पप्पू कूड़ाघर के बाहर आया और साइकिल के पास पहुंचकर गिर गया। खून से सना चाकू फेंककर भोला फरार हो गया, जबकि महेश लोगों की नजरों से बचते हुए अपने घर चला गया।
अस्पताल ले जाने में साथ रहा
महेश ने कुबूला कि पप्पू के घर चीखपुकार मचने पर वह भी अपने घर से निकला। घटनास्थल पर गया। खून से लथपथ पप्पू को निजी अस्पताल व ट्रॉमा सेंटर ले जाने के दौरान परिवारीजनों के साथ बना रहा।
किसी को शक नहीं होने दिया। पप्पू के अंतिम संस्कार के बाद मौका देखकर उसकी बेटी को बता दिया था कि उसकी मर्जी के खिलाफ शादी को लेकर उसने पप्पू की हत्या कराई है।
यहीं से पुलिस को भनक लग गई। घटनास्थल से कुछ दूर पान की दुकान चलाने वाले कृपाल से तहकीकात की। पता चला कि पप्पू रविवार रात डिस्पोजल ग्लास लेकर भोला व महेश के साथ कूड़ाघर में शराब पीने गया था।